Fateh Prakash Mahal Chittorgarh : प्रदेश के एतिहासिक विरासत की गाथा बयां करते प्रदेश के प्रमुख दस म्यूजियम के लिए राज्य सरकार ने विशेष बजट घोषित किया है। इन दस म्यूजियम में चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित राजकीय संग्रहालय चित्तौड़गढ़ (फतह प्रकाश महल) को भी शामिल किया गया है।
Rajasthan News : यहां राजकीय संग्रहालय में चार प्रमुख दीर्घाएं है जो मेवाड़ के रणबंकुरों व शूरवीरों की गौरव गाथा एवं सैन्य ताकत को बयां कर रही है। इनमें फोर्ट वॉल दीर्घा, पुरात्वाविक दीर्घा व अस्त्रशस्त्र दीर्घा शामिल है। यहां मेवाड़ के राजा, महाराजाओं व शासकों के चित्र भी खास है। इसी प्रकार 25 फीट लम्बा चित्तौड़गढ़ दुर्ग मॉडल भी पर्यटकों का विशेष आकर्षण का केन्द्र है।
संग्रहालय अधीक्षक हिमांशु सिंह बताते है कि बजट घोषणा से एतिहासिक विरासत के उन्नयन की राह खुलेगी। राजकीय संग्रहालय से मेवाड़ के रणबंकुरों व शूरवीरों के त्याग व बलिदान की गाथा, मेवाड़ की कला एवं संस्कृति भी जुड़ी हुई है।
Fateh Prakash Mahal को ऐसे पहुंचा बड़ा मुनाफा
इसी प्रकार राज्य बजट में महाराणा प्रताप टूरिज्यम सर्किट बनाने की घोषणा का फायदा चित्तौड़गढ़ को भी मिलेगा। इससे जिले में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं बढ़ेगी। गौरतलब है कि फतहप्रकाश महल देखने बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं।
कैसे फायदेमंद है महाराणा प्रताप सर्किट
महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट विकसित करने के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा से वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति उदयपुर ने मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने में खासा मदद मिलने वाली है। पर्यटन की दृष्टि से ही नहीं, अपितु नई पीढ़ी भी भारतवर्ष के गौरवशाली इतिहास के दर्शन का भी माध्यम होगा। यह सर्किट युवाओं में शौर्य का संचार करेगा। मातृभूमि के लिए सर्वस्व अर्पण करने वाले वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का इतिहास में उचित मान स्थापित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।