
WTC 2025-27 Final Scenario for India: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के पिछले सीजन में भारतीय टीम फाइनल में पहुंचने से चूक गई थी। वहीं, इस बार साउथ अफ्रीका से 2-0 की घरेलू सीरीज में चौंकाने वाली हार के बाद भारत की तीसरी बार WTC फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। इस क्लीन स्वीप के बाद शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम पॉइंट्स टेबल में 48.15% जीत के साथ पांचवें पायदान पर पहुंच गई है। वह 2025-27 के अभियान के ठीक आधा हिस्से पर है। 18 में से 9 टेस्ट पूरे करने के बाद अब उसे टॉप दो में पहुंचने के लिए क्या करना होगा। आइये इसका पूरा समीकरण समझते हैं।
न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने अभी तक कोई सीरीज नहीं खेली है, श्रीलंका और पाकिस्तान ने सिर्फ एक-एक सीरीज खेली है और इंग्लैंड ने अभी अपना दूसरा असाइनमेंट शुरू किया है। ऑस्ट्रेलिया (100%) और साउथ अफ्रीका (75%) के शुरुआती दबदबे ने भारत को एक कोने में धकेल दिया है। पिछले चक्र के बेंचमार्क बताते हैं कि टीमों को क्वालीफाई करने के लिए आमतौर पर 60–65% जीत की जरूरत होती है। भारत 58.8% के साथ 2023 के फाइनल में पहुंचा था, जबकि ऑस्ट्रेलिया पिछले सीजन में 67.54% के साथ दूसरे स्थान पर रहा था।
आधे समय पर भारत के 52 पॉइंट्स हैं (चार जीत, चार हार, एक ड्रॉ)। इस चक्र में 60% के निशान तक पहुंचने के लिए उसे संभावित 216 में से 130 पॉइंट्स की दरकार होगी। इसका मतलक है कि अपने बचे हुए 9 टेस्ट मैचों में 78 और पॉइंट्स चाहिए होंगे। मौजूदा पॉइंट्स सिस्टम (हर जीत पर 12, हर ड्रॉ पर 4) के तहत गणित बहुत मुश्किल है।
भारत की घरेलू मैदान पर शुरुआती नाकामियों का मतलब है कि उनकी गलती की गुंजाइश खत्म हो गई है। WTC फाइनल के लिए उनका रास्ता अभी भी खुला है, लेकिन पहले से ज्यादा मुश्किल है।
बता दें कि भारत के अभियान का दूसरा हाफ श्रीलंका (अगस्त 2026) और न्यूजीलैंड (अक्टूबर-नवंबर 2026) के विदेशी दौरों से शुरू होगा। भारत ने पारंपरिक रूप से श्रीलंका पर दबदबा बनाया है। वहां उसने अपने पिछले छह टेस्ट में पांच जीत हासिल की थीं। लेकिन, न्यूजीलैंड एक बड़ी चुनौती रहा है, उसके खिलाफ भारत 2020 में 2-0 और 2014 में 1-0 से हारा था। इन दौरों से 4-0 की वापसी के बाद भी भारत को अपने आखिरी और सबसे मुश्किल असाइनमेंट (2027 की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच घरेलू टेस्ट) में बड़ी जीत दरकार होगी।
ऑस्ट्रेलिया अब तक सभी चार टेस्ट जीतकर और चक्र में बाद में बांग्लादेश और न्यूजीलैंड की मेजबानी करके फाइनल में जल्दी जगह बनाने का फेवरेट लग रहा है। दक्षिण अफ्रीका, जिसने चार अवे गेम में से तीन जीते हैं, उसके पास भी आगे घरेलू सीरीज में मुश्किलों के बावजूद एक मजबूत प्लेटफॉर्म है।