देहरादून

शराब की दुकान खुलवाने आला अफसरों की टीम उतारी, लोग बंद कराने पर मुखर

Excise Department Alert:शराब की दुकान खुलवाने के लिए शासन ने आला अफसरों की टीम उतार दी है। तीन दिन से ये ठेका बंद होने से सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए आला अफसरों की टीम इस ठेके को खुलवाने के लिए मैदान में है।वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग ठेके के विरोध में मुखर हैं।
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Oct 30, 2025
liquor shop
प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका

Excise Department Alert:तीन दिन से अंग्रेजी शराब का ठेका बंद होने से सरकार को रोजाना लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। बता दें कि बीते दिनों ठेके के बाहर एक युवक की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इससे लोगों में आक्रोश छा गया था। गुस्साए लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए ढालवाला में अंग्रेजी शराब की दुकान बंद करा दी थी। ये शराब की दुकान सर्वाधिक राजस्व देने वाले ठेकों में शामिल है। तीन दिन से ठेका बंद होने के कारण प्रदेश सरकार को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे आबकारी महकमे में खलबली मची हुई है। अब शासन के निर्देश पर इस ठेके को खुलवाने के लिए अफसरों की टीम मैदान में उतार दी गई है। इस मामले में आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने मुख्यालय व अन्य जिलों से अफसरों की टिहरी में ड्यूटी लगाई है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि ढालवाला में तीन दिन से दुकान बंद है, जिससे राजस्व की हानि हो रही है। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से दुकान को खुलवाने व राजस्व हित में सुचारु रूप से संचालन के लिए संयुक्त आबकारी आयुक्त टीके पंत को जिम्मेदारी सौंपी है। वह शराब की दुकान के संचालन होने तक जिला आबकारी अधिकारी टिहरी, स्टाफ और मंडलीय प्रवर्तन दल गढ़वाल मंडल के समस्त स्टॉफ के साथ वहां उपस्थित रहेंगे। सहायक आबकारी आयुक्त केपी सिंह हरिद्वार व दून से आवश्यकतानुसार स्टाफ ले सकेंगे। आबकारी विभाग ने तीन दिन से बंद विदेशी शराब की ढालवाला स्थित दुकान को राजस्व हित में खुलवाने के लिए संयुक्त आबकारी आयुक्त समेत चार अफसरों को मैदान में उतारा है। संयुक्त आबकारी आयुक्त मुख्यालय टीके पंत को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही तीन अधिकारी अपर आबकारी आयुक्त पीएस गर्ब्याल, आबकारी अयुक्त परिक्षेत्र हरिद्वार प्रदीप कुमार और सहायक आबकारी आयुक्त केपी सिंह टिहरी में ही प्रवास करेंगे।

ठेका हटाने की मांग पर लोग मुखर

ढालवाला में शराब का ठेका बंद होने से सरकार को बड़े राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ठेके के बाहर युवक की हत्या के बाद से जनाक्रोश भड़क उठा था। उसी समय लोगों ने ये ठेका बंद करा दिया था। अब भी लोगों का इस शराब के ठेके के विरोध में प्रदर्शन जारी है। लोग इस ठेके को अन्यत्र शिफ्ट कराने की मांग पर मुखर हैं। वहीं दूसरी ओर महकमा हर हाल में इस ठेके को खोलकर राजस्व नुकसान की भरपाई की कोशिशों में जुटा हुआ है। यहां पर ठेका दोबारा खुलवाना अफसरों के लिए कठिन चुनौती से कम नहीं है।

Updated on:
30 Oct 2025 08:00 am
Published on:
30 Oct 2025 08:00 am
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