देहरादून

Delhi-Dehradun Expressway : वॉल्वो का किराया 236, एसी बस का 147 और सामान्य का 355 रुपये घटा

Delhi-Dehradun Expressway : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे समय और धन की बचत में मील का पत्थर साबित हो रहा है। दूरी घटने के बाद अब एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का नया किराया निर्धारित कर दिया गया है। अब सामान्य बस का किराया 355 रुपये कम हो गया है। साथ ही वॉल्वो और एसबी बसों के किराए में भी काफी कमी कर दी गई है। इससे यात्रियों ने राहत की सांस ली है।

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Apr 17, 2026
Vehicle fares have been reduced on the Delhi-Dehradun Expressway
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर बसों का किराया कम कर दिया गया है

Delhi-Dehradun Expressway : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे संचालित होते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली है। उत्तराखंड रोडवेज ने देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर चलने वाली वॉल्वो और एसी बसों का किराया तय कर दिया है। अब यात्रियों को देहरादून से दिल्ली तक वॉल्वो बस के लिए 709 रुपये और एसी बस के लिए 557 रुपये देने होंगे। वहीं साधारण बस का किराया 355 रुपये होगा। पुराने रूट (वाया रुड़की) से वॉल्वो का किराया 945 रुपये और एसी बस का 704 रुपये और साधारण बस का किराया 420 रुपये था। एक्सप्रेस-वे पर वॉल्वो का किराया 236 रुपये और एसी बस का 147 और साधारण बस का किराया 355 रुपये कम हुआ है। उप महाप्रबंधक (तकनीकी) भूपेश कुशवाह के मुताबिक रोडवेज ने 14 नॉन-स्टॉप बस सेवाओं का संचालन एक्सप्रेस-वे पर शुरू कर दिया है। रूट सर्वे के अनुसार, नए एक्सप्रेस-वे से देहरादून से दिल्ली की दूरी 215 किमी रह गई है। इसी आधार पर किराया निर्धारित किया गया है। किराया कम होने से यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।

साधारण बसें पुराने रूट से चलेंगी

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर फिलहाल एसी और वॉल्वो बसों का ही संचालन परिवहन निगम कर रहा है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि यदि सवारियों की पर्याप्त संख्या मिलती है, तो कुछ साधारण बस सेवाओं को एक्सप्रेस-वे के जरिए संचालित किया जाएगा। फिलहाल साधारण बसें अभी पुराने रूट (वाया रुड़की-मुजफ्फरनगर) से ही चलेंगी।

ट्रांसपोर्टरों की बल्ले-बल्ले

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से उत्तराखंड के ट्रांसपोर्ट कारोबार में नई जान आ गई है। जो मालवाहक ट्रक पहले दिल्ली पहुंचने में सात से आठ घंटे का समय लेते थे, वे अब मात्र चार घंटे में अपनी दूरी तय कर रहे हैं। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि दिल्ली, गुरुग्राम, हरियाणा, राजस्थान और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों के लिए होने वाली माल ढुलाई भी सुगम हो गई है। हालांकि ट्रांसपोर्टरों ने एक्सप्रेसवे पर टोल की दरों को लेकर चिंता जताई है। महासचिव के मुताबिक ईंधन और समय बच रहा है, लेकिन टोल टैक्स बढ़ने की संभावना है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि एक्सप्रेस-वे पर टोल टैक्स की दरें कम रखी जानी चाहिए।

ट्रकों का 30 लीटर डीजल बचेगा

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे संचालित होने से समय, दूरी और धन तीनों की बचत हो रही है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आदेश सैनी सम्राट ने बताया कि पुराने रूट से दिल्ली जाने में एक छह टायरा ट्रक का लगभग 100 लीटर डीजल लगता था, अब जाम खत्म होने और बेहतर सड़क के कारण यह खपत घटकर 70 लीटर रह गई है। यानी प्रति चक्कर 30 लीटर डीजल की बचत हो रही है।

Updated on:
17 Apr 2026 07:51 am
Published on:
17 Apr 2026 07:48 am