Questions On Recruitment : शिक्षक भर्ती प्रक्रिया अब सवालों के घेरे में खड़ी होने लगी है। आरोप लग रहे हैं कि मध्य प्रदेश से डीएलएड करने वालों को भी यहां पर शिक्षक पद पर नियुक्ति दी गई है। मध्य प्रदेश में केवल उन्हीं को डीएलएड कराया जाता है जो वहां के स्थाई निवासी हों
Questions On Recruitment : हालिया दिनों में संपन्न हुई शिक्षक भर्ती पर अब सवाल उठने लगे हैं। बता दें कि उत्तराखंड में बीते माह सहायक शिक्षकों के 1670 पदों पर भर्ती प्रक्रिया हुई थी। उनसे से 1035 अभ्यर्थियों को बीते बुधवार को देहरादून में नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे। इसके लिए दून में बड़े समारोह का आयोजन किया गया था। इधर, अब कुछ अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को ही सवालों के घेरे में खड़ा करने लगे हैं। आरोप लग रहे हैं कि कुछ अयोग्य अभ्यर्थियों को भी उत्तराखंड में शिक्षक पद पर नियुक्ति दी गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि एमपी से डीएलएड करने वाले भी उत्तराखंड में सहायक शिक्षक पद पर नियुक्ति पा गए हैं। नियमों के अनुसार मध्य प्रदेश में डीएलएड करने के लिए स्थायी निवासी होना जरूरी है। कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि मध्य प्रदेश से डीएलएड करने वाले भी नियुक्ति पा चुके हैं। सवाल ये उठ रहा है कि जब इन अभ्यर्थियों ने मध्य प्रदेश में डीएलएड में प्रवेश के समय वहां का स्थायी निवासी प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया, तो वे उत्तराखंड के निवासी होकर इस भर्ती में पात्र कैसे मान लिए गए। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग उठाई है।
उत्तराखंड के प्राथमिक स्कूलों में पूर्व में संपन्न हुई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में भी तमाम सवाल उठे थे। पहले की भर्तियों में भी ऐसे अभ्यर्थी नियुक्ति पा चुके हैं, जिन्होंने यूपी से डीएलएड किया था। शिक्षा विभाग लंबे समय से उस मामले की पड़ताल में हुआ है। बताया जा रहा है कि यूपी से डीएलएड वाले कई शिक्षकों का खुलासा हो चुका है। बावजूद अब तक इस मामले में विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है।