Gunjan Murder Case : गुंजन हत्याकांड की जांच में पुलिस ने तत्परता की मिशाल कायम करते हुए 72 घंटे के भीतर ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड को रेयर ऑफ रेयरेस्ट श्रेणी का मानते हुए आरोपी को कड़ी सजा दिलाने का खाका तैयार किया है। आरोपी ने बीच बाजार पाटल से गुंजन की गर्दन काट दी थी।
Gunjan Murder Case : गुंजन हत्याकांड से खलबली मची हुई है। बता दें कि देहरादून के मन्नूगंज खुड़बुड़ा निवासी आकाश और कपड़े की दुकान में काम करने वाली गुंजन के बीच पिछले दो साल से जान पहचान थी। उसके बाद आकाश ने किसी दूसरी लड़की से शादी कर ली थी। इस पर गुंजन ने उससे बोलचाल बंद कर दी थी। बावजूद इसके आकाश गुंजन को आए दिन परेशान करते रहता था। बीते 31 जनवरी को गुंजन ने पुलिस में भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई थी। इससे बौखलाए आकाश ने दो फरवरी को बीच बाजार पाटल से गुंजन की गर्दन काट दी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस हत्याकांड से लोगों में आक्रोश छाया हुआ है। पुलिस ने आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया था। मामले में जांच के लिए एसपी सिटी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और फॉरेंसिक टीम के जरिए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चापड़, वारदात के वक्त पहने गए कपड़े, जूते और हेलमेट बरामद कर लिए हैं। इन पर मृतक का खून लगा था। इन सभी को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है। पुलिस ने घटना के तीन दिन के भीतर ही गुंजन हत्याकांड की चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी है।
गुंजन हत्याकांड में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। पुलिस मुख्यालय की एसपी क्राइम विशाखा अशोक भदाणे गुरुवार को ग्राउंड जीरो पर पहुंची। उन्होंने पीड़िता के परिजनों ने मुलाकात कर उसने घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद खुड़बुड़ा चौकी और शहर कोतवाली पहुंचकर पीड़ित की हत्या से पहले दी गई शिकायत पर कार्रवाई का दस्तावेजी अपडेट लिया। परिजनों को सांत्वना देते हुए एसपी ने उनका पक्ष सुना और बयान दर्ज किए। एसपी विशाखा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि कर्तव्य निर्वहन में किसी स्तर पर और क्या चूक हुई है। इसकी पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाएगी।
गुंजन हत्याकांड से पुलिस में भी हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने इस केस को मजबूत बनाने के लिए कोर-कसर नहीं छोड़ी है। चार्जशीट में कुल 35 गवाहों को शामिल किया गया है। इनमें घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद गवाह भी शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, ई-साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर केस बेहद मजबूत है। अब पुलिस इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की अपील करेगी। इधर, एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक पुलिस ने हत्याकांड को चुनौती के रूप में लिया और एसआईटी ने दिन-रात एक कर महज तीन दिनों में विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी है। उन्होंने कहा कि हम न्यायालय से अनुरोध करेंगे कि इस केस का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो।