Amit Shah Arrived In Uttarakhand :केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज दो दिनी उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे हुए हैं। उन्होंने आज स्वर्गाश्रम के गीताभवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रसिद्ध कल्याण पत्रिका के शताब्दी महोत्सव में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कल्याण पत्रिका के शताब्दी अंक का विमोचन भी किया। उनके कार्यक्रम से पूर्व पुलिस ने कई महिलाओं को हिरासत में लिया।
Amit Shah Arrived In Uttarakhand :केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज ऋषिकेश के स्वर्गाश्रम जौंक स्थित गीताभवन में गीताप्रेस गोरखपुर की प्रसिद्ध कल्याण पत्रिका के शताब्दी महोत्सव में पहुंचे। हेलीपैड पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद शाह गीताभवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कल्याण पत्रिका के शताब्दी अंक का विमोचन किया। अब तक कल्याण पत्रिका की 17 करोड़ पचास लाख प्रतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने आरोग्य अंक का भी विमोचन किया गया। आरोग्य अंक की दो दो लाख 22 प्रतियां छप चुकी हो चुकी हैं। गीता भवन में करीब दो घंटे रहने के बाद गृह मंत्री हरिद्वार में प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए थे। गृह मंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए शहर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। रूट भी डायवर्ट किया गया है।
आज गृहमंत्री अमित शाह से मिलने जा रही कई संगठनों की महिलाओं को पुलिस ने जानकी झूला पुल के पास रोका लिया था। उन्होंने गृहमंत्री से मिलने की जिद नहीं छोड़ी तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। उसके बाद पुलिस उन्हें ऋषिकेश कोतवाली ले आई। इस दौरान महिलाओं ने बताया वह क्षेत्र की तमाम समस्याओं को लेकर गृहमंत्री से मिलने के लिए जा रही थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें हवाला देकर जानकी झूला के पास रोक लिया था। उन्होंने पुलिस को बताया कि ना तो वह बांग्लादेशी हैं और ना ही वह कोई आतंकवादी। वह राज्य की आम नागरिक हैं। गृहमंत्री से मिलकर क्षेत्र की समस्याओं को बताना चाहती हैं। लेकिन इसके पुलिस ने उनकी एक न सुनी और उन्हें हिरासत में लेकर ऋषिकेश कोतवाली ले आई।
गीता भवन में आयोजित कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह के अलावा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी भाग लिया। सीएम धामी ने कहा कि गीता प्रेस पिछले सौ वर्षों से हमारी सनातन संस्कृति, धर्मग्रंथों और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में अतुलनीय योगदान देती आ रही है। कहा कि प्राचीन भारत में जब विदेशी शक्तियां वैचारिक भ्रम उत्पन्न कर रही थी, समाज को दिग्भ्रमित करने का काम कर रही थी, तब गीता प्रेस परिवार ने श्रीमद्भगवद्गीता, श्रीरामचरितमानस, उपनिषदों, पुराणों आदि का हमारे महान सनातनी ग्रंथों का जो सूक्ष्म मूल्य में शुद्ध और प्रमाणिक प्रकाशन कर भारतीय जनमानस को जागृत करने का ऐतिहासिक कार्य किया है।