Pre-Monsoon Alert : प्री-मानसून आज कड़े तेवर दिखा सकता है। मौसम विभाग ने आज राज्य के सभी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आज कई जिलों में आंधी चलने, आकाशीय बिजली कड़कने और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक आज पहाड़ों में भारी बर्फबारी भी हो सकती है।
Pre-Monsoon Alert : प्री-मानसून सितम ढहाने पर आमादा है। राज्य में कल सुबह से ही मौसम तल्ख बना हुआ है। देहरादून सहित राज्य के कई जिलों में गुरुवार से हो रही बारिश के कारण सर्दी फिर लौट आई है। राज्य में कल रात से बारिश के दौर ने तेजी पकड़ी है। उत्तराखंड में पहाड़ से मैदानों तक बारिश और ठंडी हवाएं चलने की वजह से तापमान 24 घंटे में पांच डिग्री तक गिर गया है। इससे सर्दी बढ़ गई है। लोगों को गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं। केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री आदि स्थानों पर जमकर बर्फबारी भी हुई है। देहरादून में गुरुवार को तापमान 26.9 डिग्री रहा। मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक प्रदेशभर में बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने के ऑरेंज एवं यलो अलर्ट जारी हुए हैं। उन्होंने बताया कि आज देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इन जिलों में आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है। हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर सहित टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत में भी ओले गिरने और तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
उत्तराखंड में बारिश,बर्फबारी और ओलावृष्टि के कारण मार्च में ठंड लौट आई है। मार्च दूसरे पखवाड़े में यहां दिसंबर-जनवरी जैसी ठंड महसूस हो रही है। होली के बाद लोगों ने जैकेट, रजाई आदि गर्म कपड़ों को पैक कर दिया था, उन्हें फिर से निकाल लिया गया है। राज्य के पर्वतीय इलाकों में ठिठुरन ऐसी बढ़ी है कि लोग अलाव सेंकने को विवश हो रहे हैं। आमतौर पर देहरादून में मार्च में तापमान 32 से 34 डिग्री के बीच रहता है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 26.9 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है। वहीं, जनवरी में अधिकतम तापमान 25 से 26 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले पांच दिनों से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर पहाड़ी जिलों में भी तापमान सामान्य से सात डिग्री तक नीचे दर्ज किया गया। मुक्तेश्वर में 15.5 और नई टिहरी में 15.9 डिग्री तापमान रहा।
वैज्ञानिक लंबे समय से सीजन शिफ्टिंग की ओर जाने की बात कर रहे हैं। मौसम की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी सच साबित हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि देश में सीजन शिफ्ट हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों में देखा जा रहा है कि मानूसन से ज्यादा बारिश अक्तूबर में भी हुई है। उत्तराखंड तीन-चार साल पहले अक्तूबर में आपदा भी आई थी। इस साल जाडों में बारिश नहीं होने के कारण हिमालय के पहाड़ भी बर्फविहीन हो गए थे। इधर, अब वसंत ऋतु में मार्च के महीने झमाझम बारिश हो रही है। ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फ गिर रही है। ये सीजन शिफ्टिंग का प्रत्यक्ष उदाहरण है।