Robbery : बेखौफ बदमाशों ने महिलाओं और बच्चों को बंधक बनाकर एक घर से एक लाख की नगदी और 40 तोला सोना लूट लिया। बदमाशों ने महज 18 मिनट के भीतर ही इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया और आसानी से फरार हो गए। इस सनसनीखेज घटना से हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
Robbery : नकाबपोश बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में लूट की बड़ी वारदात को अंजाम देकर पुलिस को भी चौंका दिया है। ये घटना देहरादून के पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र के मेहूंवाला के समृद्ध परिवार शराफत अली के घर पर घटी है। घटना के वक्त वह शराफत चाचा की दुकान पर गए हुए थे। घर पर उनकी पत्नी रुबिना, सास सबिना, तीन छोटे बच्चे और पड़ोस में रहने वाली नेहा मौजूद थीं। उसी दौरान नकाबपोश चार बदमाशों ने उनके घर पर धावा बोल दिया था। फिल्मी स्टाइल में घर पर घुसे बदमाशों ने शराफत के परिवारजनों को असलहों के बल पर बंधक बना लिया था। उसके बाद बदमाशों ने इस घर से एक लाख की नगदी और करीब 50 लाख रुपये के जेवरात लूट लिए। यहां तक की बदमाशों ने महिलाओं के पहने हुए जेवरात भी उतरवा लिए। बदमाशों ने 18 मिनट के भीतर ही इस वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद सहमी पत्नी ने शराफत को फोन किया उसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस और एसओजी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
नकाबपोश बदमाशों ने लूट की इस घटना को रेकी के बाद अंजाम दिया। बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने के लिए ऐसा समय चुना जब घर पर मुखिया मौजूद नहीं था। बदमाश महज 18 मिनट में 50 लाख रुपये लूट की घटना को अंजाम देकर आसानी से फरार हो गए। बदमाशों ने तमंचे और चाकू लिए हुए थे। पुलिस के मुताबिक गुरुवार रात करीब 9:50 बजे बदमाश घर में दाखिल हुए और 10:10 बजे से पहले ही लाखों का माल समेटकर फरार हो गए। जिस फुर्ती से बदमाशों ने महिलाओं असलहों से डराकर काबू किया और ज्वेलरी-कैश पर हाथ साफ किया, उससे आशंका है कि वे पहले से जानते थे कि कैश कहां रखा है और घर में कौन-कौन मौजूद है। तभी एक लाख रुपये नगदी और करीब 40 तोला सोना लूटने में समय नहीं लगा। पुलिस यह मानकर चल रही है कि बदमाशों ने घटना से पहले घर की रेकी की होगी।
लूट की घटना के वक्त शराफत अली मेहूंवाला में अपने चाचा की दुकान पर गए हुए थे। बदमाशों को पक्की जानकारी थी कि वह उनकी वारदात के दौरान वापस आने वाले नहीं है। यह वजह कि रही कि उन्होंने महिलाओं को बंधक बनाकर आसान से वारदात की। बदमाशों की टाइमिंग पुलिस के लिए जांच का मुख्य बिंदु बन गई है। क्योंकि, अमूमन इस तरह की घटनाएं आधी रात के बाद अंजाम दी जाती हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है कि जिस स्थान पर वारदात की उसके आसपास रहने वाले लोग भी सो चुके होते हैं। इस वारदात में ऐसा कुछ नहीं था। बदमाशों ने जिस वक्त वारदात को अंजाम दिया पीड़ित मकान के आसपास के लोग भी जगे हुए थे। बदमाशों महिलाओं से मारपीट की और असलहों से डराया भी। इससे जाहिर है कि बदमाशों को भरोसा था कि उनका विरोध करने वाला कोई नहीं होगा। इसलिए उन्होंने रात 10 बजने से पहले वारदात को अंजाम दिया।