Dhamtari news : शहर में चिन्हांकन के बाद भी अवैध प्लाटिंग का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। कड़ी कार्रवाई नहीं होने से कालोनाइजर सस्ते दर पर खेत-खलिहान को खरीदकर बड़े-बडे़ सपने दिखाकर लोगों को प्लाट काटकर इसे बेच रहे हैं, लेकिन रजिस्ट्री नहीं होने से अब लोगों को शासकीय दफ्तरों का चक्कर काटना पड़ रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगा है।
धमतरी. Dhamtari nagar nigam news : शिकायत के बाद निगम प्रशासन की ओर से 40 वार्डों में सर्वे कर करीब 30 अवैध प्लाटिंग को चिन्हांकित किया गया है। शासन के निर्देश के बाद नियमितीकरण के लिए सभी कालोनाइजरों को नोटिस जारी किया गया है। नतीजतन 13 कालोनियों की नियमितीकरण के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन अभी भी 17 कालोनियां अवैध है। ऐसे में यहां निवासरत लोगों को पक्की सड़क, बिजली, पानी समेत अन्य बुनियादी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि तात्कालीन कलेक्टर रजत बंसल ने अवैध प्लाटिंग के खिलाफ मोर्चा खोला था। उनके निर्देश के बाद सभी जगहों पर अवैध प्लाटिंग का बोर्ड लगाकर यहां चल रहे कार्यों को रूकवाया गया था, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
वर्तमान में बोर्ड तो लगा हुआ है, लेकिन कालोनाइजरों ने अधिकारियों से सांठगांठ से उक्त जमीन को भी प्लाट काटकर लोगों को बेच दिया है। सौदे के अनुसार लोगों ने तय कीमत देकर जमीन तो खरीद लिया, लेकिन अब रजिस्ट्री कराने के लिए उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है। निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो वर्तमान में 13 कालोनियों के नियमितीकरण के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। इनमें से 4 कालोनी, जिसमें अमलतासपुरम के सामने, अर्जुनी रेजीडेंसी के पीछे, इंडेन गेस के पीछे और प्रखर सामाचर दफ्तर के बाजू स्थित कालोनियों की नियमितीकरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। नागरिक सुरेन्द्र साहू, दिनेश भारद्वाज, मितेश देवांगन का कहना है कि अवैध प्लाटिंग के चलते शहर में विकास कार्यों के लिए भी जगह नहीं बची है।
वर्सन
शासन के निर्देशानुसार अवैध कालोनियों का नियमितीकरण करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। वर्तमान में 13 कालोनियों का नियमितीकरण के लिए आवेदन मिला है। शेष कालोनाइजरों को भी नोटिस जारी किया गया है। आरके पदमवार, ईई नगर निगम