dhamtari Sainik school: धमतरी वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य प्रशासन की विशेष पहल पर धमतरी में 500 सीटों की क्षमता वाले अत्याधुनिक सैनिक स्कूल की स्थापना की तैयारी अंतिम चरण में है..
dhamtari Sainik school: धमतरी जिले के गौरवशाली इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुडऩे जा रहा है। मुख्यमंत्री और राज्य प्रशासन की विशेष पहल पर धमतरी में 500 सीटों की क्षमता वाले अत्याधुनिक सैनिक स्कूल की स्थापना की तैयारी अंतिम चरण में है। राज्य स्तर से हरी झंडी मिलने के बाद अब इसका विस्तृत प्रस्ताव केंद्रीय रक्षा मंत्रालय (एमओडी) को प्रेषित कर दिया गया है। यह न केवल रायपुर संभाग बल्कि छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा सैनिक स्कूल होगा, जो प्रदेश के युवाओं के लिए भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी बनने के सपनों को नई उड़ान देगा।
प्रस्ताव के दिल्ली पहुंचते ही अब सबकी निगाहें रक्षा मंत्रालय की टीम पर टिकी हैं, जो जल्द ही धमतरी का दौरा कर संभावित स्थल का भौतिक सत्यापन और तकनीकी निरीक्षण करेगी। इस संबंध में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि जिला प्रशासन ने इसे अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। भूमि चयन से लेकर बुनियादी ढांचे तक की सभी प्रारंभिक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं, ताकि निरीक्षण के बाद निर्माण कार्य में कोई विलंब न हो। धमतरी में प्रस्तावित सैनिक स्कूल केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा की एक नर्सरी होगी।
धमतरी जिले के युवाओं में देश सेवा का अद्भुत जज्बा है। पुलिस, सेना, अग्निवीर में हर साल यहां के युवाओं का चयन होता है। जानकारी के अनुसार अग्निवीर भर्ती में ही पिछले 2 साल में यहां के 100 से अधिक युवाओं का चयन हुआ है। अर्धसैनिक बल, सीजी पुलिस में भी युवाओं का खास रुझान है। धमतरी में इस स्तर के संस्थान के खुलने से धमतरी सहित गरियाबंद, बालोद और कोंडागांव जैसे पड़ोसी जिलों के ग्रामीण एवं शहरी छात्र भी लाभान्वित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि सैन्य शिक्षा के इस विस्तार से बस्तर के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले धमतरी की पहचान अब वीरों की जननी के रूप में भी होगी।
क्षमता: 500 छात्रों के लिए आवासीय सुविधा, जो इसे प्रदेश का सबसे विशाल संस्थान बनाएगी।
अत्याधुनिक सुविधाएं: स्मार्ट क्लासरूम, विश्वस्तरीय खेल परिसर, आधुनिक पुस्तकालय और विशेष प्रशिक्षण केंद्र।
एनडीए का सुदृढ़ आधार: यहां छात्रों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की प्रवेश परीक्षा के लिए विशेष सैन्य माहौल और अनुशासन में तैयार किया जाएगा।
आर्थिक विकास: स्कूल की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और जिले की सामाजिक-आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि धमतरी में सैनिक स्कूल की स्थापना जिले के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। यह संस्थान युवाओं में अनुशासन और राष्ट्र सेवा के संस्कार तो बोएगा ही, साथ ही धमतरी को राष्ट्रीय पटल पर एक बड़े शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। हमारी टीम रक्षा मंत्रालय के साथ समन्वय बनाकर इसे जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।