Bhojashala: चैत्र नवरात्र के चलते इस बार विशेष रूप से मां वाग्देवी को चुनरी अर्पित की गई, चुनरी यात्रा, अनुमति नहीं होने पर ASI ने जताई आपत्ति, कलेक्टर-एसपी से की शिकायत
Bhojshala: धारशहर में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में चैत्र नवरात्र के दौरान हुए धार्मिक आयोजन पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। जहां एक ओर सकल हिंदू समाज ने मां वाग्देवी को चुनरी चढ़ाकर पूजन किया, वहीं दूसरी ओर पुरातत्व विभाग (ASI) ने इसे नियमों के विरुद्ध बताते हुए कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखा है। मंगलवार को सकल हिंदू समाज और महाराजा भोज उत्सव समिति द्वारा भोजशाला परिसर में नियमित सत्याग्रह और पूजन किया गया।
चैत्र नवरात्र के चलते इस बार विशेष रूप से मां वाग्देवी को चुनरी अर्पित की गई। इसके लिए मोतीबाग स्थित ज्योति मंदिर से चुनरी यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं शामिल हुईं। गर्भगृह में मां वाग्देवी के तैल चित्र का पूजन भी किया गया।
भाजपा जिला अध्यक्ष निलेश भारती के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में उन्होंने कहा कि यह धार्मिक जागरण का प्रतीक है और भविष्य में भोजशाला में मां वाग्देवी की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। एएसआइ की आपत्ति, बिना अनुमति नहीं हो सकते ऐसे आयोजन इस आयोजन पर केंद्रीय पुरातत्व विभाग ने कड़ी आपत्ति जताई है। संरक्षण सहायक प्रशांत पाटनकर ने बताया कि चुनरी चढ़ाने के लिए विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
एएसआइ ने कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि निर्धारित नियमों के अतिरिक्त किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं है और ऐसे आयोजनों पर रोक लगाई जाए। ज्ञात हो कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक मंगलवार को हिंदू समाज द्वारा पूजा सत्याग्रह और शुक्रवार को मुस्लिम समाज द्वारा नमाज अदा की जाती है।
इधर, भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर चल रही न्यायिक प्रक्रिया के बीच मंगलवार को प्रस्तावित हाईकोर्ट के जजों का दौरा टल गया। सुबह से ही प्रशासन ने दौरे को लेकर तैयारियां पूरी कर ली थीं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। सर्किट हाउस से लेकर भोजशाला परिसर तक अधिकारी तैनात रहे, लेकिन दोपहर बाद दौरे को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई। सूत्रों के अनुसार, यह दौरा एक-दो दिन में हो सकता है। हाईकोर्ट द्वारा एएसआइ की खुदाई रिपोर्ट के प्रमुख बिंदुओं की पुष्टि के लिए भौतिक निरीक्षण प्रस्तावित है, जिसके आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
भोजशाला(Bhojshala) का मामला लंबे समय से संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस दोनों ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। एक ओर धार्मिक आयोजन, दूसरी ओर एएसआइ की आपत्ति और हाईकोर्ट के संभावित दौरे, इन सबके बीच भोजशाला एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में आ गई है।