
New Year 2025: नए साल का पहला दिन एक नई शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन भगवान गणेशकी पूजा करके आप पूरे वर्ष के लिए सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और शुभारंभ के देवता माना जाता है। उनकी पूजा से जीवन में आने वाले सभी कष्टों और बाधाओं का नाश होता है। आइए जानते हैं नए साल के दिन भगवान गणेश की पूजा कैसे करें और किन बातों का ध्यान रखें।
स्नान और शुद्धि: सबसे पहले स्वयं स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें। पूजा स्थान को साफ करें और वहां गंगाजल का छिड़काव करें।
प्रतिमा स्थापना: भगवान गणेश की प्रतिमा को लाल या पीले रंग के कपड़े पर स्थापित करें।
दीप प्रज्वलन: भगवान गणेश के सामने घी का दीपक जलाएं और धूप-अगरबत्ती प्रज्वलित करें।
अभिषेक: गणेश जी की प्रतिमा पर गंगाजल, दूध, और शहद से अभिषेक करें। इसके बाद चंदन और अक्षत अर्पित करें।
पुष्प और दूर्वा अर्पित करें: लाल फूल और दूर्वा घास चढ़ाएं। दूर्वा गणेश जी को अत्यंत प्रिय है।
भोग: गणेश जी को लड्डू या मोदक अर्पित करें। नारियल का भोग भी लगाएं।
आरती: गणेश जी की आरती करें और उनके चरणों में पान-सुपारी अर्पित करें।
प्रार्थना: पूरे वर्ष सुख-शांति और सफलता के लिए प्रार्थना करें।
ॐ एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात् ॥
ॐ महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात् ॥
ॐ गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात् ॥
बाधाओं का निवारण: गणेश जी की पूजा से जीवन में आने वाली सभी बाधाओं का नाश होता है।
सफलता और समृद्धि: व्यापार, नौकरी, और शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है।
सकारात्मक ऊर्जा: घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियां पूर्णतया सत्य हैं या सटीक हैं, इसका www.patrika.com दावा नहीं करता है। इन्हें अपनाने या इसको लेकर किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले इस क्षेत्र के किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।