
धौलपुर. शहर में कई कॉलोनियों की हालत बद से दबतर है। इन कॉलोनियों के रहवासियों का दर्द एक ही है, पहले सीवरेज का गंदा पानी और अब बारिश के मौसम में होने वाला जलभराव है। हाल ये है कि कॉलोनियों में रास्ते तक नहीं बचे। यहां से लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है और वाहन भी अंदर जाने से कतराते हैं।
चुनावी मौसम के बीच लोग अपनी परेशानी को बताते बताते थक जाते हैं। लोगों का कहना है कि पूर्ववर्ती शहरी सरकार को भी खूब देखा साहब…जाने कब समस्या खत्म होगी। लोग कहते हैं कि जलभराव और सीवरेज की समस्या पहले इतनी नहीं थी लेकिन बीते तीन से चार साल में यह भस्मासुर की तरह बढ़ी है। उधर, नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि कई कॉलोनियों में पंप सेट लगवा कर पानी को निकलवाया जा रहा है। हालांकि, इनकी संख्या भी सीमित है।
गिरने की आशंक, घरों में रहना पसंद
सीवरेज समस्या से जूझ रही कॉलोनियों के लोगों का कहना है कि बाहर निकलो तो गिरने की आशंका रहती है। गत दिनों एक कॉलोनी महिला दूध लेने जा रही थी और अचानक फिसल गई। हाथ में फ्रेक्चर आ गया। इस तरह की घटनाएं अब आम हो चुकी हैं। लोग कहते हैं कि अब तो बड़े बुजुर्ग और बच्चे तो घरों में ही कैद होकर रह गए हैं। लोगों में भारी गुस्सा है पर अब इसको पीना सीख लिया है। लोग कहते हैं कि धौलपुर की सीवरेज लाइनें इतिहास की सबसे बड़ी भूल साबित हो रही है।
- कॉलोनी के रास्तों में पानी भरा हुआ है। बरसात होने पर डर लगता है कि कहीं और जलभराव न हो जाए। गुरुवार को हुई बारिश से और स्थिति खराब हो गई। प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायतें हो चुकी हैं पर हुआ कुछ नहीं।
उमेश चौधरी, मोहन कॉलोनी
- गंदा पानी सडक़ पर भरा रहता है। घर से सुबह निकलने का भी मन नहीं करता है। मंदिर जाते हैं तो गंदे पानी में ही होकर निकलते हैं। अब तो आदत सी हो गई। शिकायतों के ढेर हैं पर कोई निराकरण नहीं है।
- रामहेत, मोहन कॉलोनी
मोहन कालोनी का मामला अभी मेरी जानकारी में नहीं आया में इसे दिखवा कर पानी निकासी की व्यवस्था करता हूँ।
विश्णु परमार आयुक्त नगर परिषद धौलपर