
धौलपुर. एनएचएआई को आखिरकार राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 स्थित केन्द्रीय बस स्टैंड के आसपास टूटी पड़ी जालियां की सुध तो ली लेकिन खानापूर्ति अधिक की। एनएचएआई ने इन टूटी जालियां की बेल्डिंग करवाई लेकिन ऊपर ही तरफ इन्हें नहीं जोड़ा, जिससे बाद में भी लोग चढकऱ इनसे निकलते दिखे। एनएचएआई जालियां को जोडऩे में काम चलाऊ कार्य करते नजर आया। जबकि बस स्टैंड पर करीब तीन से चार स्थानों पर लोहे की जालियां टूटी हैं और राहगीर भारी ट्रेफिक के बीच से इधर से उधर निकलते हैं। कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे है।
यह हालात तब हैं, जब जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी और पुलिस अधीक्षक अधिकारियों के साथ हाइवे पर भ्रमण कर खामियां से अवगत कराया। इससे पूर्व भी जालियां लम्बे समय से टूटी पड़ी थी। ट्रेफिक पुलिस स्टाफ ने रस्सी बांध दिया था लेकिन सूचना के बाद भी ध्यान नहीं दिया। बेल्डिंग करने के बाद भी सोमवार को जालियां ऊपरी सिरे से खुली पड़ी थी। अगर कोई हादसा तो होता है फिर इसकी जिम्मेदारी किस पर होगी। वहीं, पुलिस अधीक्षक सांगवान स्पष्ट तौर कह चुके हैं कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। समय दिया है अगर किसी भी खामी मिली तो फिर इस दफा एक्शन लिया जाएगा।
हाइवे की सडक़ खराब, उछल रहे वाहन
उधर, आगरा की तरफ से धौलपुर आते समय मनियां थाना क्षेत्र में एनएच 44 की हालत खराब है। यहां वाहन निकलते समय उछल रहे हैं। मनियां से तोर और फिर सदर थाने तक स्थिति बेहद खराब है। सडक़ जगह-जगह दब चुकी है और बाहर के वाहन यहां से निकलते समय चौक जाते हैं। अचानक से स्टेयरिंग हिल जाती है। हाल ये है कि अगर जरा भी ध्यान चूका तो साइड से वाहन से दुर्घटना हो सकती है। वहीं, हाइवे की ट्रक लेन की स्थिति भी बेहद गंभीर है। यहां लेन में हर तरफ जलभराव है और बीच में मलबा डाल रखा है। यहां बारिश के अलावा अन्य दिनों में भी जलभराव बना रहता है।
निगरानी सुस्त, आकर निकल जाते हैं...
धौलपुर में एनएच 44 सबसे प्रमुख हाइवे है जो दिल्ली को मुंबई से जोड़ता है। वैसे जिले से दो अन्य हाइवे भी गुजर रहे हैं लेकिन उन पर ट्रेफिक अपेक्षाकृत कम है। एनएच 44 पर काफी समय से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। यहां जिन लोगों को जिम्मेदारी सौंप रखी है, वह भी कार्मिक केवल पिकनिक स्पॉट की तरह धौलपुर आते हैं। जबकि यहां हाइवे पर जगह-जगह खामियां हैं।
पत्रिका ने दिखाई थी लापरवाही की तस्वीरें...
पत्रिका ने गत 21 अगस्त को प्रमुखता से लापरवाही की तस्वीरें दिखाई दी। पत्रिका ने ‘टूटी जालियों को बनाया शॉर्टकट रास्ता’ जिस पर जिला प्रशासन ने सडक़ सुरक्षा समिति बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों को स्थिति बताई। साथ ही डीएम व एसपी ने निरीक्षण के दौरान भी एनएच 44 के प्रोजेक्ट निदेशक ग्वालियर को हालात बताए थे।