
रैली निकाल धरना स्थल पर जाते ग्रामीण
Dholpur, सरमथुरा. धौलपुर-करौली टाइगर अभ्यारण्य के विरोध में नियमित कांरवा बढऩे लगा है। टाइगर रिजर्व के विस्तार रोकने और रोजगार व पलायन सहित विभिन्न मुद्दों को धार देने के लिए स्वर्णकार समाज समेत बरौली व सुनकई पंचायत के दर्जनभर गांवों के ग्रामीणों ने शामिल होकर समर्थन किया।
धरना स्थल पर ग्रामीणों ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाताए तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर आंदोलन का माहौल उस समय और भी खास हो गया, जब लोक कलाकारों ने लोकगीतों के माध्यम से प्रस्तुति देते हुए ग्रामीणों की आवाज और टाइगर रिजर्व को लेकर लोगों की पीड़ा का इजहार किया। लोक कलाकारों ने सेंचुरी को रद्द करो, नहीं तो ईट से ईंट भिड़ा देंगे, सुन ले प्रशासन हम तोकू मजा चखा देंगे…प्रस्तुति दी, जिस पर खूब तालियां बजी।
बेरोजगारी और पलायन से शुरू हुआ आंदोलन अब अलग अलग गांवों के ग्रामीणों के जुडऩे से जन आन्दोलन का रूप लेता जा रहा है, टाइगर रिजर्व के मुद्दे पर बाड़ी व पड़ोसी जिले करौली से भी जनसमर्थन मिल रहा है। आन्दोलन कारियों का स्पष्ट संदेश दिया कि यह लड़ाई अब केवल टाइगर रिजर्व के विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र के किसान, युवाओं के भविष्य, रोजगार विकास और ग्रामीणों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी है। हालांकि, आन्दोलनकारी अपनी मांगों पर अडिग बने हुए हैं लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक आन्दोलन को खत्म करने के लिए कोई पहल नहीं हुई है। आन्दोलनकारी डीएम से वार्ता करने की जिद पर अडे हुए हैं। ऐसे में सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
जनता से जुडी समस्याओं का समाधान की मांग
सरमथुरा में आन्दोलनकारियों ने टाइगर रिजर्व के विरोध के साथ क्षेत्र में रोजगार के साधन विकसित करने, युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं नौकरी में प्राथमिकता देनेए अभ्यारण्य के कारण बढ़ रही बेरोजगारी और पलायन पर रोक लगाने सहित किसानों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई।
प्रतिष्ठान बंद रख दिया समर्थन
सोमवार को स्वर्णकार समाज ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर टाइगर सेंचुरी के विरोध में प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से इसे निरस्त करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने कहा कि टाइगर सेंचुरी बनने से क्षेत्र के लोगों के सामने रोजगारए विस्थापन और आजीविका से जुड़ी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने सरकार से स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए टाइगर सेंचुरी के प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की। इस मौके पर समाज अध्यक्ष बॉबी सोनी, गजानंद सोनी, विजय सोनी, शिवचरण सोनी, देवीचरण सोनी, रामेश्वर सोनी, सुदामा सोनी, अन्नी सोनी, रवि सोनी, डिम्पल सोनी, नीतिन सोनी सहित समाज के कई सदस्य मौजूद थे।
Updated on:
25 Aug 2026 07:04 pm
Published on:
25 Aug 2026 07:04 pm
