ऑपरेशन शिकंजा के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। धम्बोला थाना क्षेत्र के धम्बोला गांव में 12 फरवरी को दिनदहाड़े सूने मकान में हुई करीब एक करोड़ रुपए जेवरात की चोरी का पुलिस ने महज 24 घंटे में खुलासा कर दिया।
धंबोला (डूंगरपुर)। ऑपरेशन शिकंजा के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। धम्बोला थाना क्षेत्र के धम्बोला गांव में 12 फरवरी को दिनदहाड़े सूने मकान में हुई करीब एक करोड़ रुपए जेवरात की चोरी का पुलिस ने महज 24 घंटे में खुलासा कर दिया। वारदात में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को डिटेन किया गया है। चोरी में प्रयुक्त वाहन भी जब्त कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार पीड़ित प्रदीप कुमार पंड्या निवासी धम्बोला अपने परिवार के साथ गुजरात के मालपुर में रिश्तेदारी की शादी में गए हुए थे। घर की चाबी बड़े भाई को देकर सुबह रवाना हुए थे। शाम करीब 5:15 बजे लौटने पर घर के पीछे का लकड़ी का दरवाजा टूटा मिला तथा लोहे की जाली खुली हुई थी। अलमारी में रखे 47 तोला सोना और लगभग 6 किलो चांदी के आभूषण गायब थे। चोरी गए जेवरातों की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपए आंकी गई थी।
रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सांखला एवं वृताधिकारी सीमलवाड़ा मदनलाल बिश्नोई ने मौका निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम और साइबर सेल को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए।
थाना प्रभारी देवेन्द्र देवल के नेतृत्व में पुलिस थाना धम्बोला और साइबर सेल डूंगरपुर की संयुक्त टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज खंगालने और मुखबिर तंत्र सक्रिय करने पर एक विधि से संघर्षरत बालक तक पुलिस पहुंची। पूछताछ में उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया।
पुलिस ने झलाप निवासी अंकित पाटीदार, सीमलवाड़ा निवासी प्रीत देसाई को गिरफ्तार किया। साथ ही एक विधि से संघर्षरत बालक को डिटेन किया। आरोपियों ने मौज-शौक और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों के कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के जेवरात बरामद कर लिए गए। पुलिस के अनुसार आरोपी एसयूवी कार, महंगे मोबाइल फोन, घड़ियां और नशे के शौकीन थे। मौज-मस्ती के लिए पैसों की जरूरत ने उन्हें अपराध की राह पर धकेल दिया।