तुलसी में मौजूद एंटी-बायोटिक तत्व दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं तुलसी की पत्तियों को दूध में डालकर पीने से सर्दी-जुकाम से भी छुटकारा मिलता है
नई दिल्ली। आजकल काम के प्रेशर और गलत लाइफस्टायल के चलते लोग तनाव के शिकार हो रहे हैं। इससे उनमें माइग्रेन का खतरा भी बढ़ रहा है। अगर आप भी इसी परेशानी से जूझ रहे हैं तो आपके लिए तुलसी के पत्ते का सेवन रामबाण साबित हो सकता है। तो कैसे करें इसका इस्तेमाल आइए जानते हैं।
1.जिन लोगों को माइग्रेन की बीमारी है उन्हें रात को सोने से पहले दूध में सात से आठ तुलसी की पत्तियां उबालकर इसे पीना चाहिए। ऐसा करने से दर्द से राहत मिलेगी। साथ ही दिमाग की नसें भी शांत होंगी।
2.जिन लोगों को पथरी की समस्या है उन्हें दूध में तुलसी के पत्ते खौलाकर पीना चाहिए। इससे पथरी गलकर पेशाब नली के जरिए बाहर निकल जाती है।
3.तुलसी में कई एंटीबायोटिक और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। इन्हें दूध में डालकर पीने से कैंसर के बैक्टीरिया विकसित नहीं हो पाते हैं। इससे इम्यूनिटी भी बढ़ती है।
4.मौसम में बदलाव होने पर सांस संबंधित समस्याएं बढ़ जाती हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए तुलसी को दूध में डालकर पीने से गले और नाक में होने वाली ब्लॉकेज दूर होती है।
5.सुबह खाली पेट तुलसी वाला दूध पीने से हार्ट सही से काम करता है। इससे दिल पर अतिरिक्त जोर नहीं पड़ता है। ये दिल की धड़कनों को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है।
6.जिन लोगों को सांस फूलने व दमा की बीमारी हो उन्हें भी तुलसी वाला दूध पीना चाहिए। क्योंकि इसमें मौजूद मिंट तत्व श्वांस नली में जमी गंदगी को बाहर निकालने का काम करता है।
7.दूध में तुलसी डालकर पीने से जी मिचलाने की समस्या से भी बचाव होता है। क्योंकि ये मुंह के स्वाद को अच्छा करने का काम करता है।
8.तुलसी की पत्तियों को पीसकर इसे दूध में मिलाकर चाटने से सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है। इससे बंद नाक खुलती है।
9.तुलसी के पत्तों वाली चाय पीने से सिर दर्द एवं बदन दर्द में आराम मिलता है। इसमें मौजूद एंटी हीलिंग प्रापर्टीज दर्द को कम करने में मदद करते हैं।
10.अगर आपको चोट लग गई है तो तुलसी वाला दूध पीने से घाव भरने में मदद मिलेगी। इससे दर्द और सूजन भी कम होता है।