शिवरात्रि भगवान शंकर की पूजा का विशेष पर्व है। भगवान शंकर की पूजा करने वाला व्यक्ति का जीवन हर प्रकार की खुशी से भरा रहता है। भगवान को कुछ प्रतिबंधित चीज़े नहीं चढ़ानी चाहिए।
नई दिल्ली। महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शंकर के भक्तों के लिए विशेष पर्व माना जाता है। इस दिन भगवान शंकर की पूजा और स्मरण करने वाले व्यक्ति के जीवन में चल रही सारी परेशानियां खत्म होती हैं। भगवान शंकर को प्रसन्न करने वाला व्यक्ति हर प्रकार की सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण रहता है। वहीं शास्त्रों के अनुसार इस दिन कुछ चीज़ों का इस्तेमाल भगवान की पूजा में करना निषेध भी माना जाता है।
1.महाशिवरात्रि के दिन भगवान शंकर के भक्त उन्हे उनकी प्रिय चीज़े अर्पण कर प्रसन्न कर सकते हैं और लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
2.शिवरात्रि पर भगवान शंकर की शिवलिंग के रूप में पूजा करने से और कई लाभकारी चीज़ें अर्पण करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति का जीवन हर प्रकार की सुख-सुविधा से भर देते हैं।
3.वहीं शास्त्रों के अनुसार कुछ चीज़ें शिवरात्रि के दौरान भगवान शंकर को अर्पण करनी प्रतिबंधित मानी जाती हैं और इससे भगवान प्रसन्न होने की जगह नाराज़ हो सकते हैं।
4.भगवान शंकर पर हल्दी चढ़ानी प्रतिबंधित होती है इसलिए हल्दी का इस्तेमाल ना करें इससे आपकी समस्या अधिक बढ़ सकती है।
5.भूलवश भी भगवान शंकर को तुलसी के पत्ते ना चढ़ाएं शास्त्रों में तुलसी का इस्तेमाल भगवान शंकर की पूजा में प्रतिबंधित माना गया है।
6.वैसे तो भगवान शंकर को अक्षत चढ़ाने शुभ माने जाते हैं लेकिन ध्यान रखें कि अक्षत टूटे हुए ना हों साबुत अक्षत का इस्तेमाल करें।
7.शास्त्रों में माना जाता है कि टूटे हुए चावल अपूर्ण और अशुद्ध होते हैं जिस कारण इन्हे भगवान शंकर को अर्पण नहीं करना चाहिए।
8.वहीं भगवान शंकर की पूजा में कुमकुम का इस्तेमाल करना भी मना है कहा जाता है कि भगवान शंकर वैरागी हैं इसलिए उन्हे कुमकुम नहीं चढ़ाना चाहिए।
9.भगवान शंकर को नारियल चढ़ाना तो शुभ माना जाता है लेकिन नारियल के पानी से भगवान का अभिषेक बिल्कुल ना करें।
10.भगवान को केतकी के फूल भी नहीं चढ़ाने चाहिए इसको लेकर कहा जाता है कि केतकी के फूलों को श्राप है कि वह भगवान को अर्पण नहीं किए जाएंगे।