मां लक्ष्मी के अष्ट धातु की मूर्ति स्थापित करने से व्यक्ति को सभी सुखों की प्राप्ति होती है गुलाबी रंग के कपड़े पर श्रीयंत्र रखना पूजा करने से भी शुभ लाभ होते हैं
नई दिल्ली। शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की आराधना करने से धन-धान्य की बढ़ोत्तरी होती है। साथ ही घर में खुशहाली आती है। अगर इस दिन कुछ ज्योतिषीय उपाय किए जाए तो मां लक्ष्मी की दोगुनी कृपा प्राप्त की जा सकती है। तो कौन-से हैं वो टोटके आइए जानते हैं।
1. ज्योतिष शास्त्री हरिओम दीक्षित के मुताबिक मां लक्ष्मी को कमल गट्टा बेहद प्रिय होता है। क्योंकि ये उनके आसन, कमल से बना होता है। शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को कमल गट्टा की माला चढ़ाकर इसे सिद्ध कर लें। अब पूजन के बाद इसे तिजोरी में रख दें। इससे धन की कभी कमी नहीं होगी।
2.जिन घरों में बरकत नहीं होती हैं वहां आज के दिन सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दीया रखने के लिए उत्तर-पूर्व दिशा सबसे बेहतर होगी। इससे नकारात्मकताओं से बचाव होगा।
3.अगर आपका कोई महत्वपूर्ण काम नहीं बन पा रहा है तो आप शुक्रवार के दिन 3 कुंवारी कंयाओं को खीर खिलाएं और पीला वस्त्र व दक्षिणा देकर विदा करें। इससे मां लक्ष्मी की आप पर कृपा होगी।
4.शुक्रवार के दिन श्रीयंत्र का दूध से अभिषेक करना भी शुभ माना जाता है। इससे घर में रहने वाले लोगों की तरक्की होगी।
5.जो लोग अमीर बनना चाहते हैं और सभी भौतिक सुखों का लाभ उठाना चाहते हैं उन्हें शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की अष्ट धातु की मूर्ति स्थापित करनी चाहिए।
6.आज के दिन गुलाबी रंग के रेशमी कपड़े पर श्रीयंत्र रखकर पूजा करने से भी देवी मां प्रसन्न होती हैं। इससे आपके जीवन में आ रही परेशानियां दूर होंगी।
7.ज्योतिष शास्त्री हरिओम दीक्षित के मुताबिक मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मां लक्ष्मी को पांच लाल गुलाब के फूल चढ़ाएं। साथ ही इत्र लगाएं। ऐसा करने से मां लक्ष्मी आपकी सारी मुरादें पूरी करेंगी।
8.मां लक्ष्मी की खुद पर कृपा बनाए रखने के लिए आज के दिन किसी मंदिर में सफेद अन्न का दान करें। साथ ही शुक्रवार का व्रत रखें। इससे देवी मां प्रसन्न होंगी।
9.मनपसंद नौकरी पाने के लिए 11 या 21 वैभव लक्ष्मी का व्रत रखना अच्छा माना जाता है। इससे मां लक्ष्मी का आशीर्वाद हमेशा आप पर बना रहेगा।
10.जो लोग सिद्धि प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें अष्ट लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। देवी मां का ये स्वरूप काफी प्रभावशाली होता है। इनकी पूजा के लिए रात 9 से 10 बजे के बीच का समय सबसे उचित रहता है।