लाल किले को बनने में लगे थे 10 साल, 13 मई सन 1648 में निर्माण हुआ था पूरा लाल किला पहले सफेद रंग का था, इसे बलुआ पत्थरों से बनाया गया है
नई दिल्ली। देश की शान लाल किले को उसकी खूबसूरती और उम्दा कारीगरी के लिए जाना जाता है, लेकिन क्या आपको पता है इसमें कोहिनूर हीरे का भी इस्तेमाल किया जाना था। लाल किले के निर्माण में करीब 10 सालों का वक्त लगा था। आज के ही दिन सन 1648 में ये बनकर तैयार हुआ था। इस खास मौके पर हम आपको लाल किले से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में बताएंगे।
1.इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया के ताज की शोभा बढ़ाने वाला कोहिनूर हीरा कभी भारत में हुआ करता था। आपको जानकर हैरानी होगी कि लाल किले से भी इसका नाता है। दरअसल लाल किले के निर्माण में इस हीरे का इस्तेामाल किया जाना था।
2.चूंकि लाल किले को मुगल शासक शाहजहां ने बनवाया था और कोहिनूर हीरा उनके सिंघासन में जड़ा हुआ था। इसलिए वो चाहते थे कि ये हीरा लाल किला का निर्माण पूरा होने के बाद इसके मुख्य भाग में जड़वाया जाए। मगर नेपोलियन नादिर शाह ने इसे पहले ही चुरा लिया था।
3.आज हम देश के गौरव को लाल किले के नाम से जानते हैं, लेकिन इसका असली नाम किला-ए-मुबारक है। इसका मतलब होता है सबसे मुबारक किला।
4.भारतीय इतिहास के मुताबिक शाहजहां ने लाल किला तब बनवाया था जब वे आगरा से दिल्ली को राजधानी बना रहे थे। इस किले को बनाने में करीब नौ साल का वक्त लगा। ये 13 मई सन 1648 में बनकर तैयार हुआ था।
5.लाल किले को शिल्पकार उस्ताद हामिद और उस्ताद अहमद ने बनाया था। इसे बनाने की शुरुआत सन 1638 में हुई थी।
6.आप जिस लाल किले को लाल रंग का देखते हैं असल में वो पहले सफेद रंग का हुआ करता था। इसे बलुआ पत्थरों से बनाया गया था। मगर ब्रिटिश काल में इन पत्थरों के चिटकने पर अंग्रेजों ने इस पर लाल रंग का पेंट करवा दिया गया था।
7.लाल किला करीब 256 एकड़ जमीन में फैला हुआ है। ये अष्टकोण के आकार में बना हुआ है। इसके ऊपरी हिस्से से देखने पर शानदार नजारा दिखाई देता है।
8.लाल किले में कई महल भी बने हुए हैं। जिनमें से रंग महल और खास महल शामिल है। रंग महल में मुगल शासक और उनके सेवक रहते थे। वहीं खास महल में रानियां रहती थीं। यहां सिर्फ राजा को जाने का अधिकार था।
9.लाल किले में दो मेन गेट हैं। जिनमें से एक है दिल्ली गेट और दूसरा है लाहौर गेट। चूंकि उस वक्त पाकिस्तान भारत का ही हिस्सा था, इसलिए इस गेट का नाम लाहौर गेट रखा गया था। ये पाकिस्तान की ओर खुलता है।
10.लाल किले को उसके सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसे राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया गया है। यूनेस्को संगठन ने साल 2007 में इसे ये दर्जा दिया था।