जन्मांक के दसवें भाव में सूर्य और पांचवें भाव में मंगल शुभ माना जाता है, इससे जातक सरकारी अधिकारी बनता है कुंडली में मौजूद ग्रहों की वजह से व्यक्ति को अपनी संतान से भी धन-सम्पत्ति का सुख मिलता है
नई दिल्ली। व्यक्ति को उसके जीवन में कितनी सफलता मिलेगी और वो कैसी जीवनशैली बिताएगा, ये सभी चीजें व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करती हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति, सूर्य एवं मंगल ग्रह शुभ स्थिति में होते हैं, उन्हें जीवन में खूब सफलता मिलती है। साथ ही वे धनवान भी होते हैं।
1.ज्योतिष शास्त्री नवीन दुबे के अनुसार जिन लोगों की कुंडली के दसवें भाव में सूर्य और चौथे या पांचवें भाव में मंगल होता है। ऐसे लोगो के पास अकूत दौलत होती है। ऐसे लोग उच्च सरकारी पद पर काम करते हैं।
2.अगर किसी की कुंडली में मंगल चौथे, सूर्य पांचवें और बृहस्पति पांचवें या ग्यारहवें घर में होता है। ऐसे लोगों को पैतृक सम्पत्ति मिलती है। इनके पास जमीन-जायदाद की कभी कमी नहीं होती है।
3.अगर किसी की जन्मकुंडली में दसवें भाव का स्वामी वृषभ या तुला राशि में मौजूद हो और शुक्र सातवें भाव का स्वामी हो तो इसे बेहद शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इसे दशम-सप्तम योग कहते हैं। ऐसे लोगों की किस्तम शादी के बाद चमकती है। इनके पार्टनर बहुत पैसेवाले होते हैं।
4.जिनके जन्मांक के सातवें भाव में मंगल या शनि हो। साथ ही ग्यारहवें भाव में केतु को छोड़कर कोई भी अन्य ग्रह हो तो ऐसे लोगों की कुंडली में धनवान बनने का योग होता है। ऐसे लोग एक सफल बिजनेसमैन बनते हैं।
5.अगर किसी की कुंडली में मंगल उच्च का हो और ये मेष, वृश्चिक या मकर राशि में हो तो एक खास योग बनता है। ज्योतिष शास्त्री नवीन दुबे के अनुसार इसे रूचक योग कहते हैं। ऐसे लोग बड़े अधिकारी बनकर नाम और पैसा कमाते हैं।
6.अगर किसी की कुंडली में बुध, शुक्र और बृहस्पति एक साथ हो तो ऐसे लोग बहुत बुद्धिमान होते हैं। ये एक अच्छे प्रवक्ता बनते हैं। जिसके चलते लोग उनका सम्मान करते हैं। ये ज्योतिष विद्या में भी माहिर होते हैं। इनके पास कभी धन की कमी नहीं रहती है।
7.जिनके जन्मांक में शनि तुला, मकर या कुंभ राशि में होता है। तो ऐसे लोग मशहूर लेखक, गणितज्ञ या अकाउंटेंट बनते हैं। ये कार्यक्षेत्र में सफलता करने के साथ अच्छा खासा बैंक बैलेंस भी बनाते हैं।
8.जिनकी कुंडली में बृहस्पति ग्रह कर्क, धनु या मीन राशि में हो और यह पांचवें भाव का स्वामी होकर दसवें भाव में बैठा हो। तो ऐसे जातकों को अपनी संतान से बहुत सुख मिलता है। ऐसे लोगों को प्रसिद्धि और दौलत उनके बच्चों की वजह से हासिल होती है।