वरूथिनी एकादशी के दिन विष्णु जी के वामन अवतार की पूजा की जाती है इस दिन फलाहारी व्रत रहने और पीले वस्त्र पहनकर पूजा करने से व्यक्ति को शुभ फल मिलते हैं
नई दिल्ली। वैशाख मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को वरूथिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा की जाती है। उनका ये स्वरूप भक्तों के कष्टों को दूर करता है। इस बार यह व्रत 30 अप्रैल यानि मंगलवार को है।
1.पंडित गंगाधर तिवारी के अनुसार वरूथिनी एकादशी के दिन सफेद या पीले वस्त्र पहनकर विष्णु भगवान की पूजा करने से व्यक्ति का भाग्य तेज होता है। इससे उसे सभी कार्यों में सफलता मिलेगी।
2.जो लोग आय बढ़ाना चाहते हैं उन्हें इस व्रत में विष्णु जी को तुलसी के पत्ते चढ़ाने चाहिए। क्योंकि इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। इसे अर्पित करने से व्यक्ति की तरक्की होती है।
3.जिनका मन अशांत रहता है या किसी काम में मन नहीं लगता है तो उन्हें वरूथिनी एकादशी के दिन गले में तुलसी की माला पहननी चाहिए। इससे उनका मस्तिष्क शांत होगा।
4.विष्णु जी को प्रसन्न करने और घर में सकारात्मकता लाने के लिए वरूथिनी एकादाशी को पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं।
5.सौभाग्य की प्राप्ति के लिए विष्णु जी को दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर स्नान कराएं। इससे घर में खुशहाली भी आएगी।
6.वरूथिनी एकादशी के दिन पीले रंग के अन्न का दान करना शुभ माना जाता है। इससे व्यक्ति को कभी खाने के लिए मोहताज नहीं होना पड़ता है।
7.इस दिन विष्णु जी को मुनक्के और चने की भीगी हुई दाल चढ़ानी चाहिए। ऐसा करने से देव की आप पर कृपा होगी। इससे आपके सारे काम बनने लगेंगे।
8.वरूथिनी एकादशी के दिन किसी बुजुर्ग या ब्राम्हण को भोजन कराने से पुण्य की प्राप्ति होगी। इससे व्यक्ति पर आने वाली मुसीबतें भी खत्म होंगी।
9.जिन लोगों के घर में बरकत नहीं होती है, उन्हें वरूथिनी एकादशी को घर के कोनों में पीली सरसों के दाने रखने चाहिए। जिसे अगले दिन जला देना चाहिए। ऐसा करने से नजर दोष खत्म हो जाएगा।
10.जिन लोगों की शादी में अड़चनें आ रही है उन्हें इस दिन फलाहारी व्रत रखना चाहिए। साथ ही पीला भोजन करना चाहिए और कथा पढ़नी चाहिए। ऐसा करने से विष्णु जी प्रसन्न होंगे।