प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की प्री-बोर्ड परीक्षाएं तीन से 12 फरवरी तक होंगी। साथ ही 12वीं बोर्ड परीक्षा की प्रायोगिक परीक्षाएं 14 फरवरी तक चलेंगी। ऐसे में एक ही दिन दोनों परीक्षाओं के टकराने से विद्यार्थियों की पढ़ाई का शेड्यूल गड़बड़ाने के आसार हैं।
प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की प्री-बोर्ड परीक्षाएं (Pre-board examinations of Board of Secondary Education) तीन से 12 फरवरी तक होंगी। साथ ही 12वीं बोर्ड परीक्षा की प्रायोगिक परीक्षाएं (Practical examinations) 14 फरवरी तक चलेंगी। ऐसे में एक ही दिन दोनों परीक्षाओं के टकराने से विद्यार्थियों की पढ़ाई का शेड्यूल गड़बड़ाने के आसार हैं। स्कूलों से मिली जानकारी के अनुसार परीक्षा सामग्री देरी से आने के कारण प्रायोगिक परीक्षाएं 23 जनवरी से शुरू हुई हैं। ऐसे में ये परीक्षाएं समय पर पूरा नहीं होंगी तथा प्री-बोर्ड परीक्षा का भार छात्रों और शिक्षकों पर आएगा। बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाओं तथा प्री-बोर्ड परीक्षाओं को एक ही समय कराना संभव नहीं है, इसलिए विभिन्न स्कूलों ने प्री-बोर्ड परीक्षाएं प्रायोगिक परीक्षाओं के बाद कराने की मांग की है। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने कहा अधिकारियों को इस बारे में निर्णय लेने से पहले परीक्षा की समय सारणी का ध्यान रखना चाहिए था, अब शिक्षकों के बीच असमंजस है कि वे प्रायोगिक परीक्षाएं लेने जाएं या प्री-बोर्ड का आयोजन कराएं।
प्री-बोर्ड कराने का निर्णय सराहनीय कदम था, लेकिन अब इन परीक्षाओं के बीच प्रेक्टिकल (Practical) होने से यह पूर्ण नहीं हो पाएगा। अब विभाग को प्रेक्टिकल की डेट बढ़ानी चाहिए।
शशिभूषण शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक
विद्यार्थियों की समस्या के लिए कार्य कर रहे हैं। जल्द ही इस मामले को दिखवा लिया जाएगा।
हिमांशु गुप्ता, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय