अहम् सवाल जब चल रही थी गोलियां तो क्यूँ नही किसी ने सुनी आवाज़ न कोई पुलिसकर्मी हुआ घायल न कोई अपराधी
फैजाबाद : वैसे तो अक्सर खाकी के कारनामे चर्चा का केंद्र रहते हैं ,कभी फरियादियों के साथ गलत व्यवहार तो कभी रिश्वत लेने के आरोपों को लेकर चर्चा में रहने वाली यूपी पुलिस के कारनामे नए नहीं हैं . ऐसा भी नहीं है की पुलिस विभाग में सभी अधिकारी कर्मचारीयों के काम करने का तरीका ऐसा ही है ,कई अधिकारी ऐसे भी हैं जो अपनी इमानदार छवि और सेवा भाव के चलते समाज में सम्मान भी पाते है . लेकिन फैजाबाद पुलिस के कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं जिनके कारनामे अक्सर चर्चा का केंद्र बन जाते हैं . महज कुछ हजार कीमत के साँपों को सात करोड़ का बता कर सनसनी फैलाने वाले फैजाबाद के एस पी सिटी अनिल सिंह सिसोदिया ने गुरुवार को अपने दफ्तर में एक ऐसे गुड वर्क को मीडिया के सामने बयान किया जो मीडिया कर्मियों के गले के नीचे नहीं उतरा .दिलचस्प बात तो ये है कि पुलिस जिन्हें खतरनाक अपराधी बता रही है उनके खिलाफ पुलिस द्वारा जरी किये गए प्रेस नोट में कोई पुराना आपराधिक मामला दर्ज नहीं है .
अयोध्या पुलिस की बहादुरी पर उठे सवाल चार युवकों की गिरफ्तारी को बताया मुठभेड़ गोलियां चलने का किया दावा
अयोध्या पुलिस ने 4 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है.पुलिस का कहना है कि ये चारों शातिर अपराधी अयोध्या के एक डॉक्टर की हत्या करने की फिराक में थे ,लेकिन चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गए . दिलचस्प बात ये है कि पुलिस ने इन शातिर अपराधियों से मुठभेड़ का दावा किया है लेकिन इस मुठभेड़ में ना तो अपराधियों को चोट आई है और ना ही पुलिस को. गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए एस पी सिटी अनिल सिंह सिसोदिया ने बताया कि अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के कुढ़ा केशवपुर गांव के भट्टे के पास चार शातिर अपराधी एक पिस्टल एक रिवाल्वर दो देसी तमंचा व कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है .दावा है की चेकिंग के दौरान जब घेरकर पुलिस ने गिरफ्तार करना चाहा तो चारों अपराधियों ने पुलिस बल पर फायर किया लेकिन न ही गोली चलने की आवाज़ किसी ने सुनी न ही किसी को गोली लगी , पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग करते हुए चारों को गिरफ्तार करने का दावा किया है . दिलचस्प बात ये है कि एक तरफ अपराधी गोली चला रहे थे दूसरी तरफ पुलिस ने सिर्फ डंडा दिखाकर सभी को गिरफ्तार कर लिया .
अहम् सवाल जब चल रही थी गोलियां तो क्यूँ नही किसी ने सुनी आवाज़ न कोई पुलिसकर्मी हुआ घायल न कोई अपराधी
पुलिस का दावा है कि सभी अपराधी अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के सहनवा के पास एक प्राइवेट चिकित्सक डॉ शमीम की हत्या के फिराक में थे. पकड़े गए अपराधियों में से एक की का डॉ शमीम से पुरानी रंजिश चल रही थी जिसके चलते डॉ शमीम की हत्या की योजना में तीन और दोस्तों को शामिल कर लिया था. पुलिस का दावा है कि अगर चारो अपराधी गिरफ्तार ना हो गए होते तो डॉ शमीम की हत्या तय थी लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते डॉक्टर की हत्या होने से बच गई और चारों अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़ गए. डॉ शमीम अयोध्या कोतवाली के कजियाना मोहल्ले के रहने वाले हैं और सहनवा चौराहे पर क्लीनिक खोल रखी है.पकड़े गए चारो अपराधी भी अयोध्या क्षेत्र के ही रहने वाले हैं .