धर्मगुरु मोहम्मद कौकब मुस्तबा ने कहा बाबरी के नाम पर हिन्दू मुस्लिम को लड़ाकर खून बहाने वाले लोगों को कभी माफ़ नहीं करेगा खुदा
फैजाबाद . धार्मिक नगरी अयोध्या में एक संत सम्मलेन में शामिल होने अयोध्या पहुंचे मुरादाबाद से आये मुस्लिम धर्मगुरु मोहम्मद कौकब मुस्तबा ने अयोध्या में राम मंदिर बाबरी मस्जिद मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है . मुस्लिम धर्मगुरु मोहम्मद कौकब मुस्तबा ने कहा कि इस मामले में सियासत होने के कारण आज ये विवाद दोनों समुदाय के बीच झगडे की वजह है . मुस्लिम धर्मगुरु मोहम्मद कौकब मुस्तबा ने कहा कि अगर कोई मुसलमान सच्ची बात करता है तो उसे काफ़िर कहा जाता है उस पर इल्जाम लगाया जाता है लेकिन हमें किसी मुल्ले मौलवी से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है . राम की नगरी में राम के शहर में राम की ही बात की जानी चाहिए इस्लाम में जो इस्लाम के कानून को मानता है वह सच्चा मुसलमान कहलाता है ,जो कट्टरपंथी विचारधारा रखता है आतंकवाद का समर्थन करता है वह मुसलमान नहीं हो सकता . कुछ लोग फतवा जारी करते रहते हैं जबकि उन्हें यही नहीं पता होता है कि फतवा कैसे जारी करते हैं . कुछ सियासी लीडर जिनकी पहचान अपने मोहल्ले में नहीं होती है लेकिन जब वह राम जन्मभूमि के खिलाफ बोलते हैं तो उनकी एक पहचान बन जाती है ,ऐसे लोग देश की एकता के लिए खतरा है .
धर्मगुरु मोहम्मद कौकब मुस्तबा ने कहा बाबरी के नाम पर हिन्दू मुस्लिम को लड़ाकर खून बहाने वाले लोगों को कभी माफ़ नहीं करेगा खुदा
मीडिया से बात करते हुए मुस्लिम धर्मगुरु मोहम्मद कौकब मुस्तबा ने कहा कि उर्दू में दो लफ्ज़ हैं एक इंसाफ का लफ्ज़ है दूसरा अद्र,इस्लाम में इंसाफ उसे कहते हैं कि अगर दो के बीच झगड़ा हो रहा है तो आधा आधा दोनों में बांट दोअद्र इसे कहते हैं कि जिस का हक जो था उसे दिया जाए इस्लाम इंसाफ नहीं चाहता है इस्लाम अद्र चाहता है जो मुसलमान सिर्फ इंसाफ चाहता है वह आतंकवादी होता है जो मुसलमान अद्र चाहता है वह सच्चा मुसलमान होता है नबी को मानने वाला होता है . जो सच्चा मुसलमान होगा वह कभी राम जन्मभूमि के खिलाफ नहीं खड़ा होगा वह हमेशा अद्र के साथ होगा . इस्लाम में जब कोई हज करने जाता है और वहां सफर के दौरान किसी कीड़े-मकोड़े कि जान गलती से भी चली जाए तो उसके लिए कुफ्फारा होता है . अगर किसी का कत्ल हो जाए तो हज कबूल नहीं होता है ,इस्लाम यह कहता है तारीख यह बताती है यह जगह तुम्हारे लिए नहीं है ,यह राम जन्मभूमि के लिए है और इसे बाबरी मस्जिद बताकर जो नेता कत्ल करवा रहे हैं उसके गुनहगार .वही सियासी लीडर हैं जो मुसलमानों को भड़काकर हिंदुओं को मुसलमानों से लड़ा रहे हैं . मेरा मानना है कि इस नाजायज झगड़े को खत्म कर इस पवित्र जगह को रामलला को सौंप दिया जाना चाहिए इसी में इंसानियत है और इसी में मुल्क की तरक्की है .