
फैजाबाद . डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद के कुलपति के ऐसा प्रयोग करने जा रहे हैं जिस से न सिर्फ छात्रों भारतीय संस्कृति और परम्परा का ज्ञान होगा बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम की नगरी की मर्यादा का भी दर्शन होगा . विश्वविद्यालय परिसर में सत्र 2017-18 में स्थापित बैचलर्स अॅाफ फाइन आर्ट्स विभाग के प्रस्ताव पर मोहर लगाते हुए विश्वविद्यालय द्वारा बी0एफ0ए0 के छात्र/छात्राओं को विश्वविद्यालय की चहारदीवारी पर उपलब्ध 300 प्रखंडों (ब्लाक) पर अयोध्या-फैजाबाद की ऐतिहासिकता, पौराणिकता तथा प्राकृृतिक परिदृृश्य से संबंधित मनोहारी चित्रों को पेन्ट करने की अनुमति कुलपति द्वारा प्रदान की गई थी, साथ ही विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र एवं ग्रामीण विकास विभाग को उक्त कार्यक्रम के संदर्भ में समन्वय स्थापित करते हुए विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से इस अभिनव पहल हेतु पेन्ट, ब्रश तथा अन्य आवश्यक संसाधनों को एकत्र कर उक्त कार्यक्रम को कार्यशाला का स्वरुप प्रदान करते हुए तीन बार में 100-100 प्रखंडो पर अयोध्या-फैजाबाद के मनोहारी दृृश्यों पर चित्रित करने की जिम्मेदारी दी गई थी,इस विषय पर प्राप्त प्रस्तावो के सापेक्ष कुलपति द्वारा यह भी निर्देशित किया गया था कि विश्वविद्यालय की दीवार पर विभिन्न दृृश्यों की पेंटिंग बनाने के कार्य में आवासीय परिसर, का0सु0 साकेत महाविद्यालय तथा नन्दिनी नगर महाविद्यालय के पेंटिंग के छात्र छात्राओं के साथ-साथ बाल सेवा समिति फैजाबाद तथा नेशनल स्कूल आफ आर्टस फैजाबाद के छात्र-छात्राओं का भी सहयोग प्राप्त किया जाए.
कुलपति प्रो मनोज दीक्षित की पहल पर अवध विश्वविद्यालय परिसर में शुरू हुआ अभिनव प्रयोग
इस दिलचस्प पहल पर अर्थशास्त्र एवं ग्रामीण विकास विभाग के अध्यक्ष तथा फाइन आर्टस विभाग के समन्वय डा0 विनोद श्रीवास्तव द्वारा आयोजित प्रथम चरण की कार्यशाला का उदघाटन कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित द्वारा विश्वविद्यालय चहारदीवारी के एक ब्लाक पर गणेशजी का चित्र अंकित कर किया गया. इस अवसर पर आयोजित एक अनौपचारिक समारोह में समन्वयक डा0 विनोद ने बताया कि विश्वविद्यालय की दीवार पर अयोध्या-फैजाबाद के दृृश्यों को चित्रित किए जाने के इस अभिनव प्रयोग में लगभग 80 छात्र-छात्रायें सम्मिलित हो रहे हैं. प्रयास किया जा रहा है कि प्रत्येक छात्र-छात्रा को पृृथक-पृृथक एक-एक ब्लाक देकर फैजाबाद-अयोध्या के संदर्भ में दिए गए विषयवस्तु पर उनसे पेंटिंग बनवायी जाए. डा0 विनोद ने यह भी बताया कि आज कुलपति जी द्वारा उदघाटित कार्यशाला का शीर्षक ‘‘फैजाबाद-अयोध्या (अवध क्षेत्र) दर्शन एवं उससे सम्बन्धित कलाओं का मानव जीवन पर प्रभाव“ रखा गया है . उन्होने यह भी कहा कि उकेरे जा रहे भित्ति-चित्रों को मौसम की मार से सुरक्षित रखने के लिए इन पेंटिग्स को प्लास्टिक पेन्ट के द्वारा बनवाया जा रहा है. डा0 विनोद ने बताया कि फाइन आर्टस विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का संचालन विभाग की शिक्षिका पल्लवी सोनी, सरिता द्विवेदी, रीमा सिंह तथा दीपा सिंह द्वारा किया जा रहा है .