
सत्य प्रकाश
अयोध्या : केंद्र सरकार की ओर से पारित संशोधित दलित एससी एसटी कानून के विरोध में अयोध्या के संत भी सामने आ चुके हैं ऐसे में 2019 के लोक सभा चुनाव को लेकर भाजपा के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो रही हैं.
एससी एसटी कानून के विरोध में अयोध्या के संत
जहाँ सवर्ण वर्ग केंद्र सरकार के द्वारा पारित संशोधित दलित कानून एससी एसटी कानून के विरोध में उतर चुके हैं वहीँ अयोध्या के साधू संत भी सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं | देश की आबादी का एक बड़ा तबका इस कानून के खिलाफ लामबंद चुका हैं | वहीँ अयोध्या के संत भी अब देश की जनता के साथ हो कर सरकार खिलाफ मोर्चे खोलने जा रहे हैं. जिसके कारण 2019 चुनाव में भाजपा को बड़ा हानि हो सकता हैं.
सरकार एससी एसटी कानून की जगह राम मंदिर का कानून बनाते
इस मुद्दे पर जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य ने कहा कि 'विनाश काले विपरीत बुद्धि' केंद्र में बैठे सरकार की बुद्धि भ्रष्ट हो गई हैं जितना तत्परता इस कानून को लाने की हैं यही तत्परता राम मंदिर निर्माण कराने में दिखाई होती तो शायद आज अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण हो जाता. यह कानून देश के 20 प्रतिशत लोगो के हित में हैं | वहीँ 80 प्रतिशत जनता के खिलाफ इतना बड़ा कुचक्र रच कर केंद्र सरकार ने यह बता दिया हैं कि इनका प्रेम जनता के प्रति नहीं हैं. इस कानून से देश में सिर्फ लोगो को तोड़ने की नीति का कार्य किया जा रहा हैं जिसे देश की जनता बर्दास्त नहीं करेगी उन्होंने कहा वर्तमान सरकार में बैठे लोगो के ह्रदय में भगवान श्री राम के प्रति किसी तरह से कोई आस्था नहीं हैं अगर कोई आस्था होती हो एससी एसटी कानून की जगह राम मंदिर का कानून बनाते.
सरकार जनता को दे रहा धोखा
संत रामदास ने बताया कि देश में राज कर रही वर्तमान सरकार भगवान राम के प्रति कोई श्रद्धा नहीं हैं देश में जब से सरकार आई हैं तक कई प्रकार का कानून ला चुकी हैं लेकिन राम मंदिर के लिए कोई बात भी नहीं कर रहा हैं और देश के जनता में आपसी विद्रोह कराने के लिए इस तरह का कानून को लाकर यह साबित कर दिया कि वर्तमान सरकार देश के प्रति नहीं बल्कि सिर्फ सत्ता के लिए ही लोगो के साथ धोखा दिया हैं .