फैजाबाद में सांप काटने से मासूम भाई बहन की मौत से रो पड़े लोग कई अन्य को भी अलग अलग इलाकों में सांप ने डंसा
फैजाबाद : बरसात के मौसम में खेतों और बिलों में पानी भरने के बाद अपने रहने और खाने का ठिकाना ढूंढ रहे जहरीले जानवर आम इंसान के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं | अकेले फैजाबाद जिले में बीते 48 घंटों में आधा दर्जन लोगों को सर्पदंश का शिकार होना पड़ा है | वही इन घटनाओं में सबसे दुखद पहलू यह साबित हो रहा है कि सर्प दंश के शिकार लोगों को समय से समुचित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो पा रही है | जिसके कारण उनकी जान खतरे में पड़ जा रही है | एक दर्दनाक घटना में फैजाबाद के बीकापुर इलाके में रक्षाबंधन की रात दो मासूम भाई-बहनों को सर्पदंश के चलते अपनी जान गवानी पड़ी | सांप के काटने के बाद परिजन जब तक दोनों मासूम बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाते तब तक जहरीले सांप का जहर पूरे शरीर में फैल चुका था और अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उनकी मौत हो गई |घटना बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के सोनखरी गांव की है जहां पर 7 साल की शब्बेनूर और 5 साल के अलमान को रात में सोते समय एक जहरीले सांप ने काट लिया | इस घटना में दोनों बच्चे बेहोश हो गए जिसके बाद खबर मिलते ही परिजनों ने दोनों बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन दोनों की मौत हो चुकी थी | जिसके बाद गम में डूबे परिवार ने बिना पुलिस को सूचना दिए दोनों बच्चों के शव को कब्र में दफना दिया है |
फैजाबाद में सांप काटने से मासूम भाई बहन की मौत से रो पड़े लोग कई अन्य को भी अलग अलग इलाकों में सांप ने डंसा
वहीं सर्पदंश की दो अन्य घटनाओं में बीकापुर क्षेत्र के ही बेलगरा गांव में पशुओं के लिए चारा काटने गए 26 साल के युवक हृदय राम निषाद को भी जहरीले सांप ने काट लिया | आनन-फानन में उसे इलाज के लिए फैजाबाद जिला अस्पताल लाया गया है | जहां पर उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है | वहीं एक अन्य घटना में जिले के हैदरगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में पूर्व प्रधान दिनेश गौड़ को बाग में जहरीले सांप ने काट लिया जब किसी कार्य से बाग में गए थे | घटना के बाद पूर्व ग्राम प्रधान को भी प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है | जहां अभी भी उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है | इसके अतिरिक्त दो अन्य व्यक्ति भी सर्पदंश की घटनाओं का शिकार हुए हैं जिनका इलाज फैजाबाद जिला चिकित्सालय में चल रहा है | चौंकाने वाली बात यह इलाज के लिए आने वाले लोगों की शिकायत है कि सर्पदंश जैसी गंभीर घटनाओं के शिकार मरीजों को भी इलाज के लिए इंतजार करना पड़ता है और तत्काल उन्हें चिकित्सक और इंजेक्शन नहीं उपलब्ध हो पाते जिसके कारण उनके जीवन पर खतरा बढ़ जाता है |