न बहन की डोली उठी न आँगन में बहु ने कदम रखा जलकर राख हो गयी दो परिवारों की खुशियाँ
फैजाबाद : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी गांव में दो दिन पूर्व गिरी दो इमारतों के मलबे में दब कर मरने वालों में फैजाबाद के तीन बदनसीब भी शामिल थे जो इस दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए और हमेशा के लिए अपनों से बिछड़ गए . घटना के बाद जब दूसरे दिन मलबे हटाने के दौरान इन तीन युवकों के शव निकाले गए तो मौके पर मौजूद लोगों की चीख निकल गयी और घर वाले गश खाकर गिर पड़े . जिसके बाद तीनो युवकों के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद इनके शव को इनके गाँव फैजाबाद के थाना इनायत नगर के रजपलिया गांव में पहुंचा तो हाहाकार मच गया और पूरा गाँव रो उठा . हर कोई पीड़ित परिवार के लोगों के आंसू पोंछता हुआ नज़र आया और कुदरत के इस खेल पर अफ़सोस जताता नज़र आया .
न बहन की डोली उठी न आँगन में बहु ने कदम रखा जलकर राख हो गयी दो परिवारों की खुशियाँ
शुक्रवार को फैजाबाद के थाना इनायतनगर क्षेत्र के रजपलिया गांव में दो सगे भाई व गाँव के ही एक युवक का शव पहुंचा तो हाहाकार मच गया . एक साथ 3 शव पहुंचने पर रजपलिया गांव व आसपास के गांव के सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए . 3 युवकों के शव देख कर गांव में रुदन मच गया . हादसे का शिकार हुए शमशाद और नौशाद दो सगे भाई व गांव का ही एक युवक मोबिन उर्फ सोनू नौकरी करने ग्रेटर नोएडा गए थे. जहां पर हुए पेंटर का काम करते थे. जो इमारत गिरी उसके बगल ये लोग एक झोपड़ी बनाकर रह रहे थे .अचानक निर्माणाधीन इमारत उसी झोपड़ी पर ढह गई जिससे फैजाबाद के तीन युवक समेत 10 लोगों की मौत हो गई . शमशाद और नौशाद दो सगे भाई जिनका परिवार अब उजड़ गया .दोनों भाई अपनी बहन की शादी के लिए पैसे इकट्ठा कर रहे थे लेकिन बिना डोली उठाए ही दोनों भाई इस दुनिया से अलविदा हो गए .वही बहन के शादी के साथ-साथ शमशाद अपनी भी शादी की तैयारी कर रहा था लेकिन ना तो बहन की डोली उठ पाई और ना ही घर में बहू की डोली आ पाई .कुदरत का खेल देखिए कि जिस घर में बहु आने वाली थी और बहन की डोली उठने वाली थी .उस घर में दो जवान बेटे के शव पहुंचने के बाद परिवार के अरमानों पर पानी फिर गया .