CG News: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही इस तस्वीर में विधायक ध्रुव अपने कुछ समर्थकों के साथ एक तस्वीर में खड़े नजर आ रहे हैं। इसमें उनका सुरक्षा कर्मी भी है और उनके सामने एक बच्चा दिखाई दे रहा है।
CG News: एक ओर सरकार नक्सलियों से हथियार डलवाकर उन्हें मुख्य धारा में जोड़ रही है। वहीं, दूसरी ओर एक जनप्रतिनिधि जो संविधान के अनुरूप जनता द्वारा चुनकर आए हैं वह बच्चे के कलम वाले हाथों में बंदूक थमा रहे हैं। चित्र में दिख रहे शख्स गरियाबंद जिले के बिन्द्रानवागढ़ से कांग्रेस विधायक जनक ध्रुव हैं जो एक बच्चे को बंदूक दे रहे हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर हंगामा शुरू हो गया है।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही इस तस्वीर में विधायक ध्रुव अपने कुछ समर्थकों के साथ एक तस्वीर में खड़े नजर आ रहे हैं। इसमें उनका सुरक्षा कर्मी भी है और उनके सामने एक बच्चा दिखाई दे रहा है। जिसे वह बंदूक थमाते दिख रहे हैं। जो कि सुरक्षा कर्मी की बताई जा रही है। मामला इसलिए भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि ध्रुव केवल विधायक नहीं हैं, बल्कि वर्तमान में आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया में भी लोग विधायक के इस कदम को गलत ठहरा रहे हैं। लोगों का कहना है कि हथियार को मासूम के हाथ में देना सुरक्षा प्रोटोकॉल के लिहाज से भी गंभीर विषय है। हालांकि तस्वीर किन परििस्थतियों में ली गई है इसका पता नहीं चल पाया है। बीजेपी जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर का कहना है कि ऐसे समय में जब नक्सलवादी विचारधारा के लोग आत्म समर्पण कर रहे हैं किसी जनप्रतिनिधि की ऐसी तस्वीर शोभनीय नहीं है।
तस्वीर पर ध्यान दिलाने के लिए जब विधायक ध्रुव को फोन किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
ऐसी कोई जानकारी मुझे नहीं है। आपके माध्यम से पता चल रहा है आगे इस तरह की कोई जानकारी प्राप्त होगी तो कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग के हाथ में बंदूक दिखाई दे रही है। यह विषय अत्यंत गंभीर और समाज के लिए चिंताजनक भी है। आर्म्स एक्ट 1959 के तहत बिना वैध लाइसेंस के किसी को भी हथियार देना अपराध और नाबालिग को हथियार सौंपना विशेष रूप से लापरवाही और कानून का उल्लंघन माना जा सकता है। जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 के तहत बच्चों को किसी भी प्रकार के जोखिम या हानिकारक स्थिति में डालना दंडनीय अपराध है।