दसवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिले में जगह-जगह सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिले में लाखों की संख्या में लोगों ने उत्साह एवं उमंग के साथ योग किया।गोरखनाथ मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में सुबह योगाचार्य डॉक्टर परीक्षित देवनाथ की देखरेख में योगासन किया गया। जहां उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य विभाग प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना शामिल हुए।
गुरु गोरखनाथ की धरती पर गोरखनाथ मंदिर में योग सप्ताह के दिन अद्भुत नजारा दिखाई दिया। एक साथ सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोगों ने योग किया। यूपी के कैबिनेट और गोरखपुर के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना, गोरखपुर के सांसद रविकिशन समेत साधु-संतों और आमलोगों ने योग के माध्यम से स्वस्थ रहने का संदेश दिया और खुद को निरोग बनाकर दीर्घायु होने का मंत्र दिया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर के दिग्विजयनाथ सभागार में सुबह 6 बजे से 8 बजे तक साप्ताहिक योग शिविर का समापन हुआ। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में लोगो नें योग किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने अपने संबोधन में कहा कि आज योग पूरे विश्व में किया जा रहा है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाता है। उनके प्रयास से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।आज प्रधानमंत्री जम्मू कश्मीर सेना के बीच में योग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो स्वयं योगी हैं।
प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि योग को जीवन में सबसे अधिक महत्त्व दें।शरीर स्वस्थ है, तो हम कुछ भी कर सकते है। रोज 10 मिनट योग करें।धीरे-धीरे और टाइम बढ़ा कर एक घंटा तक योग करने लगेंगे. योग करने की आदत हो जाएगी. अनुलोम-विलोम, कपालभाती, भ्रामरी, प्राणायाम ठीक से करना है. सांस को लेना और छोड़ने के साथ उसको नियंत्रित करने सीखना बहुत जरुरी है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक रूप में भी योग हम लोगों के लिए बहुत जरुरी है।विशिष्ट अतिथि गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने कहा कि योग मानव जीवन के लिए सबसे अधिक जरूरी है। क्योंकि आज के परिवेश में हम बिना योग के निरोग रह ही नहीं सकते है।
संचालन श्री गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ के प्राचार्य डॉ॰ अरविंद कुमार चतुर्वेदी ने किया।इस अवसर पर श्री गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ के आचार्यों, छात्रों सहित सैकड़ों योगाभ्यासी व प्रशिक्षु उपस्थित रहे।