
Guna Daughter Funeral Tragedy: मध्यप्रदेश के गुना में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, यहां एक मजबूर पिता अपनी बेटी को मौत के बाद आखिरी बार घर भी नहीं ला पाया। दरअसल मकान मालिक ने नवरात्रि के कार्यक्रम की बात कहकर शव को घर पर लाने से मना कर दिया था, जिसके कारण पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर ही पिता ने बेटी की अंतिम विदाई की रस्में पिता ने अदा कीं और समाजजनों की मदद से मुक्तिधाम में ले जाकर अंतिम संस्कार किया।
मूल रूप से बदरवास के रहने वाले पहलवान रजकर बीते कई वर्षों से गुना के घोसीपुरा क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहे हैं। उनके साथ उनकी 31 साल की बेटी पूजा और उसके तीन बच्चे भी रहते थे। पूजा की शादी इंदौर में रहने वाले राकेश लश्करी के साथ हुई थी, लेकिन पूजा को कैंसर होने के बाद पति ने उसे घर से निकाल दिया था जिसके बाद से पूजा बच्चों के साथ पिता के साथ गुना में किराए के मकान में रह रही थी। कैंसर की बीमारी से पीड़ित पूजा की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पूजा की मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ, पिता पहलवान रजक की इच्छा थी कि जिस घर में पूजा अपनों के साथ रह रही थी, उसी घर के आंगन से उसकी अर्थी उठे। लेकिन मकान मालिक ने नवरात्रि के कार्यक्रम की बात कहकर शव को घर पर लाने से इंकार कर दिया, जिसके कारण पिता बेटी पूजा के शव को आखिरी बार घर पर नहीं ले जा पाया। समाजसेवियों की मदद से पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर ही पिता ने बेटी पूजा का अंतिम श्रृंगार किया और फिर शव को मुक्तिधाम में ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया।
पूजा के निधन से उसकी दो बेटियों और एक बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता पहलवान रजक ने बताया कि पूजा के पति ने दूसरी शादी कर ली थी और पूजा की मौत की सूचना मिलने के बाद वो दूसरी पत्नी के साथ गुना आया था। अंतिम विदाई से पहले की रस्मों में शामिल हुआ और फिर वहीं से रवाना हो गया।