
Guna News : गुना के बीनागंज में अजब घटना घटी। यहां नेशनल हाईवे-46 पर बीनागंज वेयरहाउस के पास रविवार शाम तारपीन तेल से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर के पलटते ही उसमें भरा तेल सड़क पर बहने लगा और आसपास के गड्ढों में जमा हो गया। लोगों ने इसे रिफाइंड तेल समझा और इसे लूटने में जुट गए। रोड पर तेल फैलने की खबर मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और सड़क पर जमा तेल को बर्तनों और डिब्बों में भरकर ले गए। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ लग गई और तेल ले जाने की होड़ मच गई। बाद में प्रशासन ने इस तेल का इस्तेमाल नहीं करने के लिए चेतावनी जारी की।
बताया जा रहा है कि टैंकर चालक तेली गांव रोड की ओर से बीनागंज बाजार आया था। इसके बाद वह नेशनल हाईवे की तरफ जा रहा था। इसी दौरान बीनागंज वेयरहाउस के पास अचानक टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया।
हादसे के बाद टैंकर से बड़ी मात्रा में तारपीन तेल सड़क पर फैल गया। लोगों ने समझा कि यह रिफाइंड तेल है और इसे लूटने में जुट गई। गौरतलब है कि तारपीन का मुख्य उपयोग पेंट, वार्निश को पतला करने और ब्रश साफ करने में होता है। इसका खाने में उपयोग नहीं होता है।
हादसे के बाद टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि चालक नशे की हालत में था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस चालक के संबंध में जानकारी जुटा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सड़क पर जमा भीड़ को हटाने का प्रयास किया। हादसे में फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।
इधर बाद में चाचौड़ा के अनुविभागीय अधिकारी और तहसीलदार मयंक खेमरिया ने जनहित में महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की। इसमें बताया गया कि टैंकर का तेल, खाद्य तेल नहीं है तथा इसमें रासायनिक तत्व मिश्रित होने की संभावना है। प्रशासन ने चेताया कि इस तेल के सेवन से उल्टी, दस्त, फूड पॉइजनिंग, हैजा, विषाक्तता और लिवर-किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। इस खतरे को देखते हुए प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। तहसीलदार ने ग्राम पंचायत पेंची, कोटरा, कनका, नेहरू, लहरचा, भैंसुआ, मुहासा कला, खतौली, महेशपुरा, टोड़ी, सागर, जयसिंहपुर, बिजनीपुरा सहित आसपास की सभी पंचायतों के सचिवों और रोजगार सहायकों को भी इस संबंध में निर्देश दिए।