
bjp mla priyanka meena chair row controversy, सोफे पर बैठे भाजपा नेता व खड़ीं भाजपा विधायक प्रियंका पैंची (Source-Patrika)
Guna BJP MLA Priyanka Meena Chair Row: मध्यप्रदेश के गुना में आयोजित गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान के जिला स्तरीय कार्यक्रम में उस समय भारी राजनीतिक ड्रामा और तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जब कार्यक्रम की मुख्य अतिथियों में शामिल महिला विधायक प्रियंका मीना पैंची और नपाध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता को बैठने के लिए कुर्सी तक नसीब नहीं हुई। पहली पंक्ति में अतिथियों के लिए कुर्सियां और सोफे आरक्षित थे, लेकिन उन पर पहले से भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी और नेता ठाठ से बैठे बैठे हुए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब चांचौड़ा विधायक प्रियंका पैंची और नपाध्यक्ष सविता गुप्ता वहां पहुंचीं और उन्होंने बैठने के लिए जगह मांगी, तो पहले से बैठे पुरुष नेता टस से मस नहीं हुए। इस उपेक्षा से नाराज होकर विधायक प्रियंका पैंची ने खुद अपने हाथों से कुर्सी उठाई और लगाकर अलग बैठ गईं। कुछ ऐसी ही स्थिति नपाध्यक्ष सविता गुप्ता के साथ बनी। पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक और बेबस बने रहे, जो दोनों प्रमुख महिला प्रतिनिधियों के लिए बैठने का समुचित इंतजाम तक नहीं करा सके। इस दौरान दोनों महिला जनप्रतिनिधियों ने आपस में बात कर अपनी नाराजगी भी जताई।
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मंच पर पहुंचते ही विधायक प्रियंका मीना पैंची का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अपनी ही पार्टी के नेताओं और व्यवस्थापकों को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने खरी-खरी सुनाते हुए कहा, जब सरकार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दे दिया है, तो फिर हमें बैठने के लिए कुर्सी क्यों नहीं दी जा रही है? मेरे भाव ऐसे नहीं हैं कि मैं किसी को नीचा दिखाऊं, लेकिन यह सबने देखा है। महिलाएं आगे दिखीं तो और अच्छा दृश्य दिखेगा। उन्होंने तंज कसते हुए आगे कहा कि आप लोग खुद अनुमान लगा सकते हैं कि एक महिला विधायक और नपाध्यक्ष को कुर्सी न मिलने पर क्या स्थिति बनी होगी।
विधायक प्रियंका पैंची ने इस पूरे वाक्य की शिकायत संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी की है। मीडिया से बात करते हुए विधायक प्रियंका पैंची ने कहा कि- आप लोग सब तो थे, वहां आपने ही सब देखा है। खुद अनुमान लगा सकते हैं कि एक महिला विधायक होने के नाते मुझे और नपाध्यक्ष को कुर्सी नहीं मिली। मैंने संगठन में अपनी बात रख दी है और सब वाकया देखकर आप खुद अनुमान लगा सकते हो क्या स्थिति बनी होगी। यहां यह भी बता दें कि, इससे पहले भी कृषि बलराम कार्यक्रम के दौरान मंच से महिला विरोधी बयानों का विरोध करने पर विधायक प्रियंका मीना चर्चा में रही थीं। लगातार दूसरे कार्यक्रम में इस कथित अपमान ने भाजपा के अंदरूनी तालमेल और महिला प्रतिनिधियों के प्रति नेताओं के रवैये पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
Updated on:
22 Aug 2026 10:33 pm
Published on:
22 Aug 2026 10:33 pm
