
Guna school bottle case: स्कूल के विधानसभा क्षेत्र को लेकर सोशल मीडिया पर भिड़े दो पूर्व मंत्री (फोटो सोर्स- Patrika)
Guna school bottle case: मध्य प्रदेश के गुना जिले में स्थित शासकीय हाईस्कूल में छात्राओं की बोतलों में पेशाब भरने वाली शर्मनाक हरकत का मामला अब राजनीतिक मोड़ लेता हुआ दिखाई दे रहा है। ये घटना जिस स्कूल में हुई वह किस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है? इस सवाल को लेकर अब दो मंत्रियों के बीच सोशल मीडिया पर बुधवार रात तकरार देखने को मिली।
बता दें कि, जिले के आरोन के घटावदा शासकीय हाईस्कूल में कुछ शरारती छात्रों द्वारा रंगोली बनाने के लिए पास के आंगनवाड़ी गई छात्राओं के बोतल में पेशाब मिलाने की घटना सामने आई थी। इस पर ग्रामीणों ने विरोध करते हुए स्कूल को खुलने नहीं दिया। सूचना मिलने पर पुलिस, प्रसाशन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम स्कूल पहुंचकर छात्राओं से बातचीत की थी। मामला सोमवार दोपहर का है।
इस घटना को लेकर बमोरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया (भाजपा) ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने घटावदा शासकीय हाईस्कूल को राघोगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बताते हुए घटना कि निंदा की और प्रशासन से कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
पूर्व भाजपा विधायक की इस पोस्ट के कुछ देर बाद राघोगढ़ विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह का फेसबुक पोस्ट सामने आया। जयवर्धन ने सिसोदिया की पोस्ट पर जवाब देते हुए कहा कि तथ्य स्पष्ट होना चाहिए ग्राम घटावदा की घटना अत्यंत गंभीर और निंदनीय है। बच्चों के साथ हुई ऐसी अमानवीय घटना पर किसी भी प्रकार का पर्दा डालने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने आगे कहा कि घटावदा ग्राम, आरोन विकासखंड, गुना विधानसभा क्षेत्र का मामला है, राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र का नहीं।
दरअसल, आरोन के घटावदा शासकीय हाईस्कूल में कुछ शरारती छात्रों ने छात्राओं की बोतलों में पेशाब मिलाकर उन्हें पिला दिया। घटना सोमवार दोपहर करीब 12 बजे की है। मामले को दबाने के लिए स्कूल प्रबंधन ने छात्रों से किसी से भी जिक्र करने की साफ मनाही कर दी थी लेकिन छुट्टी के बाद जैसे ही घटना पीडि़त छात्राओं ने घर पहुंचकर आपबीती सुनाई तो ग्रामीण भडक़ गए। उन्होंने मंगलवार सुबह स्कूल नहीं खुलने दिया और संबंधित छात्र व स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की मां करते हुए हंगामा कर दिया।
सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार, टीआइ व बीइओ ने पीडि़त छात्राओं सहित ग्रामीणों के बयान दर्ज कर उन्हें शांत कराया। दरअसल आरोन ब्लॉक के घटावदा गांव के शासकीय एकीकृत हाईस्कूल में कक्षा सातवीं की छात्राएं नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में हुई प्रतियोगिता के लिए रंगोली बनाने गई थी। तभी सातवीं कक्षा में मौजूद चार छात्रों में से 11 वर्षीय एक छात्र ने पांच अलग-अलग छात्रों की पानी पीने की बोतलों में पेशाब करके भर दिया।
थोड़ी देर बाद छात्राएं रंगोली बनाकर लौटी और करीब आधा घंटे बाद लंच के दौरान जैसे ही छात्राओं ने अपनी-अपनी बोतलों का पानी पिया तो स्वाद कुछ अजीब लगने पर उन्होंने उनकी अनुपस्थिति में कक्षा में मौजूद रहे छात्रों को कसम देकर बोलतों में किसने और क्या मिलाया है? इसकी पूरी जानकारी ली। जानकारी लेने के बाद छात्राओं ने रोते हुए जाकर स्कूल प्रबंधन से इसकी मौखिक शिकायत की। शिकायत के बाद प्राचार्य ने संबंधित छात्र को बुलाकर डांट लगाई और पूरी घटना की जानकारी लेकर सभी छात्र- छात्राओं को प्रलोभन के तौर पर चाकलेट बांटकर किसी को भी इस घटना का जिक्र अपने घर या बाहर नहीं करने की सख्त हिदायत दी।
शाम को स्कूल की छुट्टी होने के बाद पीड़ित छात्राएं घर पहुंची तो अपने साथ स्कूल में हरकत की आपबीती सुनाई। यह सुनते ही पांचों छात्रों के परिजन एकजुट हो गए और उन्होंने स्कूल प्राचार्य को फोन लगाकर आपत्ति दर्ज कराई। साथ ही सरपंच व सचिव को भी अवगत कराकर कार्रवाई नहीं होने तक स्कूल नहीं खुलने देने की चेतावनी दी। इसके बाद मंगलवार सुबह जैसे ही शिक्षक व स्टाफ स्कूल पहुंचा तो ग्रामीणों ने घटना के विरोध में कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए हंगामा कर दिया। इस दौरान ग्रामीण कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। सूचना पर नायब तहसीलदार कृष्णकांत चौबे, बीइओ संतोष धाकड़ व आरोन टीआइ रविंद्र सिकरवार सहित बड़ी संख्या में फोर्स घटावदा पहुंचा और ग्रामीणों को समझाइश देने की कोशिश की। इस दौरान टीम ने सभी के बयान दर्ज कर पीडि़त छात्राओं के परिजनों को किसी तरह से शांत किया।
Updated on:
20 Aug 2026 01:00 pm
Published on:
20 Aug 2026 01:00 pm
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