20 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भारी बारिश के चलते रीवा में स्कूलों की छुट्टी घोषित, स्कूल खुले मिले तो होगी कार्रवाई

Schools holiday : भारी बारिश के चलते गुरुवार को जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। कलेक्टर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
2 min read
Google source verification
Schools holiday

Schools holiday (रीवा में स्कूलों की छुट्टी घोषित Photo Source- Patrika)

Rewa News :मध्य प्रदेश के आधे इलाके में जारी भारी बारिश के चलते कई इलाकों में हालात बेकाबू हो रहे हैं। हालात ये हैं कि, कई जिलों में जलभराव के चलते नदी - नाले उफान पर हैं। जबकि, अधिकतर इलाकों में जल भराव के हालात हैं। बात करें रीवा की तो यहां बीते 48 घंटों से जारी तेज बारिश के कारण बुधवार के बाद गुरुवार को भी सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। इस संबंध में कलेक्टर की ओर से आदेश जारी किए जा चुके हैं।

जिले अंतर्गत सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में आज गुरुवार अतिवृष्टि के चलते कक्षा नर्सरी से 12वीं तक के सभी विद्यालयों की छुट्टी की घोषमा की गई है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि, इस आदेश को प्रभावी रूप से जिले के सभी स्कूलों के लिए जारी किया गया है। अगर कोई विद्यालय आज की तारीख में खुला पाया जाएगा और छात्रों को बुलाया जाएगा तो संबंधित संस्थान के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि, जिले में जारी अतिवृष्ट के कारण कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया है कि, सभी विद्यालय दिनांक 20.8.26 को बंद रहेंगे।

एक दिन और बढ़ाया आदेश

आपको बता दें कि, जिले में जारी अत्यधिक बारिश के चलते कलेक्टर रीवा ने जिले में संचालित समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 19 अगस्त 2026 को कक्षा नर्सरी से लेकर 8वीं तक की छुट्टी घोषित की थी। लेकिन, बारिश के हालात और बिगड़ने के कारण इस आदेश को 20 अगस्त 2026 के लिए बढ़ा दिया गया है। साथ ही, आज नर्सरी से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया है।

भारी बारिश के कारण लिया गया फैसला

विद्यालय की आवश्यकता एवं निर्धारित समय-सारणी के अनुसार, विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन अथवा वर्चुअल कक्षाओं का आयोजन किया जा सकेगा। प्रशासन ने अत्यधिक बारिश औरवं संभावित परिस्थितियों को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ये फैसला लिया है।