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‘कलेक्टर साहब तो नेता बनेंगे… दिग्विजय सिंह की भी सिफारिश नहीं मानी’, गुना पंच सम्मेलन में सरपंच का बयान

Guna Panch Sammelan: गुना में वीबीजी राम जी योजना के तहत पंच सम्मेलन में बोले राघौगढ़ की दावतपुरा पंचायत के सरपंच ने जिले के कलेक्टर की जमकर तारीफ की।
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गुना

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Akash Dewani

Aug 14, 2026

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Guna Panch Sammelan: सरपंच ने कलेक्टर से कहा कि आप रिटायरमेंट के बाद नेता बनेंगे (फोटो सोर्स- Guna Collector Facebook)

Sarpanch Guna Collector Statement: मध्य प्रदेश के गुना में बीबीजी राम जी योजना के तहत पंच सम्मेलन (Guna Panch Sammelan) गुरुवार को शुभ विदाई गार्डन में आयोजित किया गया। इसमें जिलेभर के सरपंच, पंच शामिल हुए। दावतपुरा के सरपंच के कलेक्टर की मौजूदगी में ही कहा कि कलेक्टर साहब तो एक दिन नेता बनेंगे। कार्यक्रम में सरपंचों, पंचों द्वारा योजना के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल रहे। वहीं सांसद प्रतिनिधि हरिसिंह यादव, अशोक शर्मा, बमोरी जनपद अध्यक्ष गायत्री भील, जिपं सीइओ अभिषेक दुबे सहित जिले के सरपंच, पंच सहित अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

सबसे अच्छे कलेक्टर है आप, हमेशा याद रखेंगे- सरपंच

कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए राघौगढ़ की दावतपुरा सरपंच नरेंद्र सिंह (Sarpanch Narendra Singh) ने कहा कि, गुना जिले में गुलाब की खेती हो रही है। हम देखते रहते हैं। गुना जिले में आप जैसा कलेक्टर मेरी लाइफ में तो मैं नहीं देखा हूं। सबसे अच्छे कलेक्टर आप हैं। उम्मीद करते हैं कि ऐसा कुछ आप करें कि हम आपको हमेशा याद रखें। कलेक्टर साहब तो हमे ऐसे लगते हैं कि शायद ये रिटायरमेंट के बाद नेता बनेंगे।

जल्द बीजी राम जी योजना लागू कराए

पहले सौ दिन का काम मिलता था। अब बढ़कर 125 दिन की मजदूरी कर दी। लेकिन मजदूरी देंगे किस में। समय तो सब निकल जाएगा। हमारा एक साल बचा हुआ है। अभी आपकी जनगणना चालू हो जाएगी। जब तक ये योजना अच्छी तरह से लागू होगी, तब तक हमारा कार्यकाल ही पूरा हो जाएगा। इसलिए हमारा निवेदन है कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तक हमारी बात पहुंचाएं और जितना जल्दी हो सके, योजना लागू हो।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 300 रुपए प्रतिदिन मजदूरी है। जबकि, शहरी इलाकों से लगी पंचायतों में मजदूर 500 रुपए रोज से कम पर नहीं आते हैं। वो शहरी इलाकों में चले जाते हैं। ऐसे में हम पंचायतों में फर्जी मस्टर रोल न भरें तो क्या करें। गलत है, पर करना पड़ता है। एक किसान से मुलाकात हुई। उसने 10 बीघा में देसी गुलाब की खेती की है। उसकी हिम्मत को दात देते हैं। ये जिलाधीश महोदय की देन है। आने वाले समय में गुना में और भी पॉलीहाउस बनने वाले हैं। गुलाब के क्षेत्र में बहुत बड़ा बिजनेस मिलेगा। वैसे भी हम देखें तो मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा किले हमारे गुना जिले में ही हैं। सबसे ज्यादा राजा भी हमारे गुना जिले में ही हैं। शायद कलेक्टर साहब ने ये सोचा हो कि गुना में फूलों के राजा गुलाब की खेती शुरू करा देता हूं।

मेरी बंदूक नहीं बदली कलेक्टर साहब ने, दिग्विजयसिंह की सिफारिश भी नहीं मानी

सरपंच ने कहा कि मेरा जरूर एक काम नहीं किया कलेक्टर साहब ने। मुझे मेरी एक बंदूक को बदलना था। ये आठवें कलेक्टर हैं, जिन्होंने वो नहीं बदली। मैं दिग्विजय सिंह जी को भी ले गया, जयवर्धन सिंह जी को भी ले गया, लेकिन उनकी भी इन्होंने सिफारिश नहीं मानी। तो मैं आज मंच से घोषणा करता हूं कि उस बंदूक को सरेंडर कर दूंगा। क्या करना रख कर। इससे अच्छा तो डंडा रख लूं। कार्यक्रम में कई और सरपंचों ने भी अपनी बात रखी।