
Gwalior Sheetla Mata Temple truck accident: मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से बड़ी खबर सामने आ रही है। शीतला माता मंदिर पर शनिवार देर रात धान से भरा ट्रक पलटने से दर्दनाक हादसा हो गया। इसमें 12 लोगों की मौत हो गई और 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए। देर रात तक घायलों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। घायलों में पुलिसकर्मी मीनुन्नदीन और राजेंद्र शर्मा भी शामिल हैं।
प्रत्यक्षदर्शी आकाश बघेल निवासी गोहिंदा, भितरवार ने बताया कि शनिवार रात शीतला माता मंदिर पर हजारों की संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचे थे। मंदिर के मुख्य द्वार के आसपास चलने तक की जगह नहीं थी। इसी दौरान शीतला माता मंदिर से सटी चिनौर रोड की घाटी से धान से भरा एक बेकाबू ट्रक नीचे आ गया। ट्रक सीधा प्रवेश द्वार से टकराकर पलट गया। हादसे में 12 श्रद्धालुओं की मौके पर मौत हो गई, जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों को पुलिस और अन्य लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। देर रात तक घायलों के आने का सिलसिला जारी था।
नवरात्र में शीतला माता मंदिर पर काफी भीड़ रहती है। इसकी जानकारी पुलिस और प्रशासन को भी है। इसके बावजूद ट्रक श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच कैसे पहुंच गया, इस बात को लेकर मौके पर तनाव हो गया। आक्रोशित लोगों ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि पुलिस ने मंदिर के आसपास वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा रखी है और यातायात संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है। इसके बावजूद ट्रक का भीड़ के बीच पहुंचना लापरवाही है।
हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए तत्काल पर्याप्त सुविधा नहीं मिली। घायलों को मंदिर पर मौजूद लोडिंग वाहनों और ऑटो में बैठाकर अस्पताल पहुंचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब 30 मिनट बाद एम्बुलेंस मौके पर पहुंची।
हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों के इलाज और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
घटनास्थल पर पहुंची कलेक्टर रुचिका चौहान ने हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि रात करीब 1.30 बजे जानकारी मिली कि चिनोर से शीतला माता मंदिर की तरफ आ रहा एक ट्रक अपना नियंत्रण खो बैठा। ट्रक सीधा मंदिर की तरफ बढ़ गया जहां कई श्रद्धालु मौजूद थे। तुरंत ही एक्सीडेंट की खबर आने लगी और एंबुलेंस और दूसरी गाड़ियां भेजी गईं। हालांकि, कलेक्टर के अनुसार, घटना में 11 लोगों की जान चली गई और 5 से 6 मरीज गंभीर रूप से घायल हैं। करीब 29 लोगों को अलग-अलग चोटें आई हैं।
कलेक्टर ने बताया कि नवरात्रि के दौरान सड़क पर एक स्टॉपर और एक पुलिस चेक-पॉइंट मौजूद था, इसलिए गाड़ी अंदर कैसे घुस गई, यह जांच का विषय है। ट्रक की मैकेनिकल जांच करने और यह पता लगाने के लिए एक RTO टीम भी भेजी है कि क्या दिक्कत हुई।
वहीं, घटनास्थल पर मौजूद एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि यह एक दुखद घटना है। सिंह ने बताया कि चिनोर की तरफ से आने वाली सड़क पर ढलान है। इस सड़क नवरात्रि पर्व के कारण भारी वाहनों के आवागमन की मनाही है। उन्होंने बताया कि रात करीब 1.30 बजे, धान से भरा एक ट्रक पुलिस बैरिकेड तोड़कर नीचे आया और मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से टकरा गया। सड़क पर मौजूद श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए। मौके पर ड्यूटी पर मौजूद दो पुलिसवाले भी घायल हो गए, और उनका इलाज चल रहा है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, कुल 39 लोगों को अस्पताल ले जाया गया है, जिनमें से 12 लोगों की जान चली जाने की सूचना आई है।