कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की हाजिरी को लेकर नाराजगी जताई। हेल्थ ऑफिसर स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं पहुंच रहे थे और एप कहीं से भी हाजिरी दर्ज कर रहे थे।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की हाजिरी को लेकर नाराजगी जताई। हेल्थ ऑफिसर स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं पहुंच रहे थे और एप कहीं से भी हाजिरी दर्ज कर रहे थे। इसके चलते कलेक्टर ने 6 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर को सेवा से बर्खास्त करने के निर्देश दिए। 2 हेल्थ ऑफिसर का दो गुना वेतन काटने के लिए कहा गया है।
कलेक्टर ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की और विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में कई कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर अपने कर्तव्य स्थल पर न जाकर कहीं से भी एप पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। इसके साथ ही बिना अनुमति के अपने कर्तव्य स्थल पर नहीं पहुंच रहे हैं। जिले के सभी एनआरसीकेन्द्र पूरी क्षमता के साथ संचालित हों, यह सुनिश्चित किया जाए। एनआरसी में जितने भी बैड उपलब्ध हैं, उनका बेहतर उपयोग हो ताकि कुपोषण निवारण के बेहतर परिणाम सामने आ सकें। जिले में गर्भवती माताओं की एचआरपी क्लीनिक में समय पर जांच हो, यह भी सुनिश्चित किया जाए।
शहरी क्षेत्र में एजी ऑफिस, कमिश्नरी कार्यालय एवं ठाठीपुर डिस्पेंसरी में अधिक से अधिक मरीजों को लाभ मिल सके, इसके लिए कैंप लगाए जाएं।
- शहरी क्षेत्र में जिन स्थानों पर बरसात का पानी रुका हुआ है वहां पर दवाओं का छिडक़ाव करने के साथ-साथ आमजनों में जन जागरूकता का कार्य भी प्रभावी रूप से किया जाए।
जिन कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) को सेवा से बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं, उनमें शशिकला कुमारी घरसोंदी, दीपक सिंह तोमर नौगांव, के पी राणा देवरा, शिवेन्द्र सिंह तोमर गढऱौली, विकेन्द्र सिंह गिजौर्रा व अनुपमा यादव पार शामिल हैं।
- जिनका वेतन काटने के निर्देश दिए हैं उनमें उपदेश राजौरिया छोटी अकबई एवं कनूप्रिया आहूजा गिरवई शामिल हैं।