पेट्रोल में एथनॉल की तादात से ज्यादा मिलावट उनमें खराबी की वजह बन रही है। ऐसी शिकायतें रोज वाहन मिस्त्रियों के सामने आ रही हैं। चार पहिया वाहनों में इस खराबी को दूर करने का खर्चा महंगा बैठ रहा है।
पेट्रोल में एथनॉल की तादात से ज्यादा मिलावट गाडिय़ों की सेहत बिगाड़ रही है। नया सिरदर्द गाड़ी मालिकों को परेशान कर रहा है। उधर पंप संचालक ईंधन में खराबी नहीं मान रहे हैं और वाहन एजेंसी गाडिय़ों को सुधारने में मोटा पैसा मांग रही हैं। इस खींचतान में गाड़ी मालिकों की फजीहत हो रही है। तेल में मिलावट के मामले में अब खाद्य विभाग के सामने भी पहुंचने लगे। ग्वालियर में एक चिकित्सक ने फूड डिपार्टमेंट से शिकायत की है पेट्रोल भरवाने से उनकी कार के इंजेक्टर खराब हो गए। इसकी भरपाइ कौन करेगा। उन्हें शक है कि कार में भरा गया तेल मिलावटी था।
डॉ. प्रशांत लहारिया ने शिकायत में बताया है कि 2 जनवरी को ड्राइवर चेतकपुरी पर आर के फिलिंग स्टेशन से कार में पेट्रोल भरवा कर लाए थे। दो दिन बाद कार झटके खाने लगी। कंपनी ले जाकर गाड़ी दिखाई तो जवाब मिला कि तेल खराब था, उससे इंजेक्टर खराब हो गए हैं। इन्हें बदलना पड़ेगा उसके अलावा कोई और जरिया नहीं है। कंपनी को कार को ठीक करने के एवज में 50 हजार रुपए का खर्च बताया।
डॉ. लहारिया का कहना है पेट्रोल पर शिकायत की तो उनसे कहा गया कि हमारे यहां खालिस तेल रहता है। दो जनवरी के तेल का स्टॉक खत्म हो चुका है। कार में खराबी क्यों आई है उसके लिए पंप से भरे गए तेल को वजह नहीं कह सकते हैं। वह चाहें तो शिकायत कर सकते हैं।
वाहन मिस्त्रियों का कहना है दो पहिया, चार पहिया गाडिय़ों में रोज शिकायतें आ रही हैं। क्योंकि पेट्रोल में मात्रा से ज्यादा एथनॉल मिलाया जा रहा है। उसकी वजह से गाडिय़ां झटके खा रही और चलते चलते बंद हो रही हैं। हर दिन इन शिकायतों से जूझ रहे वाहनों की गिनती बढ़ रही है। चार पहिया वाहनों को ठीक करने में खर्चा काफी आ रहा है। वाहन मालिकों की परेशानी है एजेंसी हजारों रुपए का बिल थमाती हैं पेट्रोल पंप तेल में मिलावट से साफ मना करते हैं।
आरके फिलिंग स्टेशन के संचालक मुकेश मिश्रा का कहना है, डॉ. लहारिया 2 जनवरी को कार में पेट्रोल भरवाना बता रहे हैं। उस समय का सारा तेल बिक चुका है। उसके बाद तो कई बार नया तेल आ चुका है। पंप पर नए और पुराने का ताजा सैंपल रहता है। इतना पुराना सैंपल नहीं रहता।
पेट्रोल पंप से सैंपल लिया जाएगा। यदि रिपोर्ट में तेल में खराबी आती है तो कार्रवाई की जाएगी। हालांकि तेल में खराबी की पहली शिकायत सामने आई है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
अरविंद भदौरिया, जिला आपूर्ति नियंत्रक