चार दिन पहले रेलवे पुल के पास हुए रिछरा गांव निवासी शंकर अहिरवार की हत्या का खुलासा
ग्वालियर। पहले तो मुंहबोली चाची से प्रेम की पींगें बढ़ाईं जब चाचा दोनों के अवैध संबंधों में बाधा बनने लगा तो प्रेमी ने पत्नी से मिलकर उसकी हत्या कर दी। इतना ही नहीं पत्थर से कुचलकर मारने के बाद भी पत्नी का दिल नहीं पसीजा और पति के हत्यारे के साथ रात भर रंगरलियां मनांईं। पत्रकारों से चर्चा के दौरान यह बात पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने कही। उन्होंने बताया कि चार दिन पहले रेलवे पुल के पास हुए रिछरा गांव निवासी शंकर अहिरवार की हत्या का खुलासा हो गया है। इसमें शंकर की पत्नी बबली ही उसकी हत्या की वजह बनी।
उन्होंने बताया कि शंकर अहिरवार(30) अपने ही गांव के रहने वाले रघुवीर पाल (कारीगर) के साथ बेलदारी करता था। इसके चलते रघुवीर का उसके घर आना-जाना रहता था। करीब चार साल पहले रघुवीर व शंकर की पत्नी के बीच अवैध संबंध बन गए। इन संबंधों में शंकर बाधक बनने लगा। फिर दोनों ने उसे मौत के घाट उतारने की योजना बना डाली। योजना के तहत 21 नवंबर को रघुवीर उसे दर्शन कराने के बहाने घर से ले गया।
यहां उसने उडऩू की टौरिया मंदिर पर दर्शन कराने के बाद उसे रेलवे पुल के पास स्थित सिद्ध बाबा के दर्शन कराए और मौका पाकर पास ही पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं हत्या करने के बाद वह सीधे उसकी पत्नी बबली के पास जा पहुंचा और बबली ने उसके साथ रात भी गुजारी। उन्होंने बताया कि मृतक के खून से सने कपड़े भी बबली के घर पर मिले हैं।इस मामले में रघुवीर के खिलाफ तो हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं बबली के खिलाफ हत्या का षडयंत्र रचने का मामला दर्ज किया है। पुलिस नियंत्रण कक्ष में आयोजित पत्रकारवार्ता में बड़ोनी एसीओपी केबी उपाध्याय,थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह गुर्जर,एएसआई विनोद भार्गव हवलदार संतोष कुमार व आरक्षक राघवेन्द्र सिंह गुर्जर मौजूद थे।
पुलिस के लिए चुनौैती बने शंकर अहिरवार के अंधे कत्ल की महज तीन दिन में ही परत उधेडऩे वाले थाना प्रभारी शैलेन्द्र गुर्जर की टीम को एसपी मयंक अवस्थी ने पांच हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है। ताकि अन्य अधिकारी भी इस तरह के खुलासे कर पुलिस का नाम रोशन करें।