महिला सशक्तिकरण का संदेश देते हुए शहर में आयोजित की गई दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार से शुरु हुई दो दिवसीय महिलाओं की अनोखी फुटबॉल प्रतियोगिता में दोनों महिला टीमें साड़ी पहनकर फुटबॉल खेलती नजर आईं। 'गोल इन साड़ी' टैग लाइन के तहत आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता में नौजवान से लेकर बुजुर्ग महिला प्रतिभागियों ने भी भाग लिया। साड़ी पहनी सभी महिलाओं ने फुटबॉल में अपना दम दिखाया। महिलाओं ने मैदान में दमदार खेल दिखाते हुए दोनों तरफ से कई गोल भी दागे। बता दें कि, खेल के दौरान महिला प्रतिभागी कहती सुनाई दे रही थी कि, 'नारी साड़ी में भी भारी है।' फिलहाल, शहर में आयोजित इस दो दिवसीय प्रतियोगिता में 8 टीमों के बीच मुकाबले हो रहे हैं।
बता दें कि, महिला सशक्तिकरण पर आधारित फुटबॉल प्रतियोगिता शहर के एमएलबी मैदान में आयोजित किया जा रहा है। रंग बिरंगी साड़ियां पहने महिलाएं फुटबॉल के पीछे दौड़ लगाती और किक लगाकर गोल मारती दिखाई दे रही हैं। आधे घंटे के इस मैच में महिलाओं ने साड़ी में फुटबॉल खेल कर अपना दम दिखाया। ग्वालियर में नगर निगम ने महिला फुटबॉल की अनोखी प्रतियोगिता शुरू की है। शनिवार से शुरू हुई इस प्रतियोगिता में सभी महिला टीमें साड़ी पहनकर मैदान में उतरी हैं। महिलाएं ही इस टूर्नामेंट की जिम्मेदारी संभाल रही है।
शहर में महिला फुटबॉल मैच की धूम
शनिवार को फुटबॉल प्रतियोगिता में 4 मैच हुए जिसमें टीम शेरनी, टीम क्वींस और टीम असली हीरा, टीम ट्यूलिप ने शानदार जीत दर्ज की। टीम क्वींस ने दमदार प्रदर्शन करते हुए पहले मैच में जीत हासिल की। टीम क्वींस की महिला खिलाड़ियों का कहना है कि, उन्होंने शुरुआत से ही ये तय कर लिया था कि, इस मैच में जीत दर्ज करना है और उन्होंने मैदान पर साड़ी में दमदार गोल कर ये साबित किया कि, 'नारी साड़ी में भी भारी है।'
दादी ने लगाया जीत का गोल
शनिवार को खेलने वाली टीमों में से टीम क्वींस की सबसे खास बात ये थी कि, इस टीम में 25 साल की भाभी से लेकर 72 साल की दादी तक मैदान में उतरकर अपने खेल का बेहतरीन जौहर दिखाती नजर आईं। उम्र दराज दादी दलजीत मान ने शानदार गोल ललगाकर अपनी टीम को जीत दिलाई। दादी दलजीत के अनुसार, खुद को सेहतमंद बनाए रखने के लिए वो रोजाना व्यायाम करती हैं और जब भी उन्हें मौका मिलता है तो मैदान में फुटबॉल भी खेलती हैं। उनका मानना है कि, महिलाएं साड़ी पहनकर सिर्फ चौका चूल्हा तक ही मैदान पर गोल भी मार सकती हैं। क्वीन टीम की खिलाड़ी ने पहले योगा किया, इसके बाद वो मैदान में उतरी।
प्रतियोगिता का उद्देश्य
टीम शेरनी की कई खिलाड़ी टीचर हैं, जिन्होंने पहले अपनी ड्यूटी की और उसके बाद फुटबॉल मैदान पर आकर जबरदस्त खेल दिखाया और मैच जीत लिया अब इनका कहना है कि शाम को घर जाकर खाना बनाएंगे बच्चों को खिलाएंगे। प्रतियोगिता जीतने के लिए महिलाएं साड़ी पहनकर फुटबॉल मैदान पर पसीना बहा रही है। रंग बिरंगी साड़ी में महिलाओं को फुटबॉल मैदान पर दौड़ते, किक लगाते, मशक्कत करते देखने के लिए भारी तादाद में महिलाएं जमा होती है। इस प्रतियोगिता का मकसद सिर्फ यही है कि महिला शक्ति किसी से कम नहीं है।