दिल्ली पुलिस व डीएसटी के साथ मुठभेड़ में घायल, दिल्ली के हार्डकोर अपराधी को पकडऩे हनुमानगढ़ आई पुलिस पर आरोपी ने की फायरिंग, टिब्बी क्षेत्र में छिपा हुआ था बदमाश, हार्डकोर अपराधी को पनाह देने वाले पुलिस की रडार पर
हनुमानगढ़. हत्या के मामले में फरार हार्डकोर अपराधी को सोमवार को दिल्ली पुलिस व डीएसटी हनुमानगढ़ की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ में घायल कर काबू किया। घायल बदमाश को इलाज के लिए टाउन स्थित जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश सागर को टिल्लू ताजपुरिया व नीरज बवाना गैंग का सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस के पहरे में आरोपी का इलाज चल रहा है। पुलिस को उससे कई मामलों में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। साथ ही जिले में बदमाश को पनाह देने वालों तथा उसके स्थानीय कनेक्शन के बारे में भी टिब्बी थाना पुलिस पड़ताल कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्दी ही अपराधी को सहयोग करने वालों की गिरफ्तारी की जाएगी।
पुलिस के अनुसार एजीटीएफ के इनपुट पर दिल्ली पुलिस की टीम गैंगस्टर के गुर्गे व हत्या के मामले में वांछित सागर को गिरफ्तार करने के लिए हनुमानगढ़ आई। उसके टिब्बी क्षेत्र में छिपे होने की सूचना थी। इस पर दिल्ली पुलिस व डीएसटी प्रभारी तेजवंत सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने अपराधी के छिपे होने के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस की भनक लगने पर आरोपी ने भागने का प्रयास किया। इस दौरान टिब्बी के गांव साबुआना के पास उसने पुलिस दल पर फायरिंग भी की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस दल ने भी फायरिंग की। इसमें आरोपी सागर के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर लिया तथा इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। टिब्बी थाना पुलिस तथा जिले के कई आला पुलिस अधिकारी सूचना मिलने पर जिला अस्पताल पहुंचे व मामले की जानकारी ली।
पुलिस के अनुसार गैंगस्टर सागर ने पुलिस पर चार राउंड फायरिंग की। जवाब में पुलिस दल ने उस पर पांच राउंड फायरिंग कर घायल कर दिया। सागर मूलत: हरियाणा के सोनीपत क्षेत्र का रहने वाला है। उस पर कई हत्या, आम्र्स एक्ट सहित कई अन्य गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं।
गैंगस्टर के गुर्गे का जिले में पनाह लेना खतरनाक संकेत है। पिछले दो साल में जिले में वैसे भी रितिक बॉक्सर गैंग के गुर्गों की फिरौती के लिए व्यापारी पर फायरिंग, अन्य कई लोगों को धमकी देने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इनमें कई स्थानीय गुर्गों को भी दबोचा जा चुका है। अब दिल्ली की गैंग के सदस्य की यहां पनाह लेने का मतलब है कि उनके शुभचिंतक जिले में मौजूद हैं। उनकी पहचान कर दबोचा जाना बेहद जरूरी है अन्यथा वही फिरौती, फायरिंग व धमकी का खेल जिले में पुन: शुरू होने से इनकार नहीं किया जा सकता। हनुमानगढ़ जिला तो वैसे भी नशे की बढ़ती तस्करी से तंग है। ऐसे में किसी गैंगस्टर या उसके गुर्गों की यहां सक्रियता की जरा सी भी अनदेखी हालात को विस्फोटक बना सकती है। क्योंकि नशे की तस्करी का धंधा इस तरह की गैंग को बहुत सुहाता है।
पुलिस के अनुसार उत्तरी दिल्ली के अलीपुर इलाके में 22 अपे्रल को चार अज्ञात हमलावरों ने गोगी गैंग के सदस्य नरेन्द्र पर फायरिंग कर उसे मार डाला था। दिल्ली पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि वारदात को टिल्लू ताजपुरिया गैंग के सदस्यों ने अंजाम दिया है। इसमें सागर सोनीपत भी शामिल था। वारदात को अंजाम देने के बाद कई जगहों पर फरारी काटता हुआ वह टिब्बी क्षेत्र में आकर छिप गया।
आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल बरामद की गई है। उसने चार राउंड फायरिंग की थी। गांव साबुआना में जिस व्यक्ति के यहां आरोपी ने शरण ले रखी थी, उसको डिटेन कर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। - विकास सांगवान, जिला पुलिस अधीक्षक।