बढ़ती कार्रवाई व बरामदगी के चलते पहले से जब्त व कानूनी प्रक्रिया पूर्ण हो चुके मामलों में नशीले पदार्थों के निस्तारण की जरूरत भी बढ़ रही है। जिला पुलिस इस साल करीब 36 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ नष्ट करवा चुकी है।
Rajasthan News: नशे का धंधा जिले में इस कदर फैल चुका है कि पुलिस के मालखाने भी नशीले पदार्थों से बहुत जल्दी ओवरफ्लो होने लगते हैं। जितनी ज्यादा नशे की तस्करी बढ़ी है, पुलिस कार्रवाई व नशीले पदार्थों की बरामदगी के ग्राफ में भी उछाल आया है। स्थिति यह है कि पुलिस प्रशासन को इस साल छह माह के भीतर ही दो दफा नशीले पदार्थों को नष्ट कराने की जरूरत पड़ गई।
क्योंकि बढ़ती कार्रवाई व बरामदगी के चलते पहले से जब्त व कानूनी प्रक्रिया पूर्ण हो चुके मामलों में नशीले पदार्थों के निस्तारण की जरूरत भी बढ़ रही है। जिला पुलिस इस साल करीब 36 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ नष्ट करवा चुकी है। इसमें सबसे चिट्टा, नशीली दवा तथा पोस्त ही शामिल रहे हैं। पुलिस बारह करोड़ रुपए से अधिक कीमत का चिट्टा नष्ट करवा चुकी है।
निवर्तमान एसपी विकास सांगवान के नेतृत्व में ही एनडीपीएस एक्ट में जब्तशुदा वजह सुबूत नशीले पदार्थों के निस्तारण की यह दोनों कार्रवाई अंजाम दी गई है। धारा 52ए (2) एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत जिन प्रकरणों में भौतिक सत्यापन की कार्यवाही हो चुकी थी तथा एफएसएल रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी थी, उन प्रकरणों का निस्तारण किया गया है।
जिले में बढ़ते नशे के चलते एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई का आंकड़ा भी बढ़ा है। पुलिस ने गत वर्ष रेकॉर्ड 359 प्रकरण एनडीपीएस एक्ट में दर्ज कर 629 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस साल भी अब तक प्रकरणों की संख्या 200 पार जा चुकी है। साल के आखिर तक गत वर्ष का आंकड़ा पीछे रह सकता है।
जिला पुलिस ने इस साल जून तथा अगस्त में जंक्शन की रीको स्थित एक फैक्ट्री में कैम्प लगाकर नशीले पदार्थों को नष्ट कराने की कार्रवाई अंजाम दी है। इसमें 12 करोड़ 17 लाख रुपए कीमत का छह किलो 86 ग्राम चिट्टा, 8 करोड़ 92 लाख 38 हजार रुपए कीमत की 34 लाख 81 हजार 61 गोली-कैप्सूल तथा 14 करोड़ 11 लाख रुपए कीमत का 25 क्विंटल 13 किलोग्राम पोस्त नष्ट कराया जा चुका है। इसके अलावा 16 लाख नौ हजार रुपए कीमत का 32 किलो 190 ग्राम गांजा तथा डेढ़ लाख रुपए से अधिक कीमत की अफीम नष्ट कराई जा चुकी है।