पुणे से घातक जीका वायरस के दो मामले सामने आए हैं, जिनमें एक 46 वर्षीय व्यक्ति और उसकी किशोर बेटी शामिल हैं।
नई दिल्ली: पुणे से घातक जीका वायरस के दो मामले सामने आए हैं, जिनमें एक 46 वर्षीय व्यक्ति और उसकी किशोर बेटी शामिल हैं। दोनों में हल्का बुखार और गंभीर दाने के लक्षण दिखाई दिए हैं। उनके रक्त के नमूनों की जांच नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी द्वारा की गई, जिसमें जीका वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। यह खतरनाक बीमारी मच्छरों से फैलती है और इसके एक या दो मामले भी व्यापक चिंता का कारण बन सकते हैं।
डॉक्टर को बुखार और चकत्ते की शिकायत थी, जबकि उनकी बेटी में हल्का बुखार जैसे मामूली लक्षण दिखे। दोनों के संक्रमण की पुष्टि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने की है।
जीका वायरस एक मच्छर जनित बीमारी है। यह उसी तरह फैलता है जैसे डेंगू और चिकनगुनिया का बुखार। एडीज एजिप्टी नाम का मच्छर इसके फैलने के लिए जिम्मेदार होता है।
जीका वायरस से संक्रमित सभी लोगों में लक्षण दिखाई नहीं देते। जिन लोगों में लक्षण दिखते हैं, उनमें ये हो सकते हैं:
जीका वायरस से बचाव के लिए मच्छरों से अपना बचाव करना सबसे जरूरी है। आप ये उपाय अपना सकते हैं:
जीका वायरस गर्भवती महिलाओं और उनके होने वाले बच्चों के लिए खासतौर पर खतरनाक है। अगर आप गर्भवती हैं और आपको जीका वायरस के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
अभी घबराने की जरूरत नहीं
पुणे में सामने आए ये अभी शुरुआती मामले हैं। स्वास्थ्य विभाग इन मामलों पर नजर रख रहा है और जरूरी कदम उठा रहा है। आप मच्छरों से बचाव करके खुद को सुरक्षित रखें। अगर आपको कोई लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें।