Tinnitus diagnosis device : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के शोधकर्ताओं ने टिनिटस का निदान और प्रबंधन करने के लिए एक सस्ती डिवाइस विकसित की है।
Tinnitus diagnosis device : टिनिटस एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति के कानों में किसी बाहरी ध्वनि के बिना भी लगातार बजने या गूंजने की ध्वनि सुनाई देती है। इसे "कान में घंटी बजना" या "गूंज" भी कहा जाता है। यह स्थिति न केवल शारीरिक कष्ट का कारण बनती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल सकती है। विश्वभर में लगभग 740 मिलियन लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं, जिनमें से 120 मिलियन लोगों को इसके गंभीर लक्षणों का सामना करना पड़ता है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के शोधकर्ताओं ने एक सस्ती और प्रभावी डिवाइस विकसित की है, जो टिनिटस (Tinnitus) का सही ढंग से निदान करने और उसका उपचार करने में सहायक होगी। इस डिवाइस के जरिए मरीजों को उनके अद्वितीय टिनिटस लक्षणों के हिसाब से कस्टमाइज इलाज मिलेगा, जिससे उनकी स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
यह डिवाइस टिनिटस (Tinnitus diagnosis device) के निदान के लिए अत्यधिक सटीकता प्रदान करता है। इसमें एक विशेष "टिनिटस मैचिंग" फीचर है, जो मरीज द्वारा अनुभव की जा रही ध्वनियों की आवृत्ति और स्वरूप का पता लगाने में मदद करता है। इस डिवाइस के साथ एक एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर भी जुड़ा हुआ है, जो मरीज की स्थिति की निगरानी करने और उनके उपचार की प्रगति को ट्रैक करने का काम करता है।
सभी मरीजों के लिए व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार करना इस डिवाइस का मुख्य उद्देश्य है। यह उपचार के कई तरीकों को मिलाकर कार्य करता है, जिससे हर मरीज को उसकी स्थिति के अनुसार बेहतर परिणाम मिल सकें।
इस डिवाइस की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसकी सस्ती कीमत है। टिनिटस के इलाज (Treatment of tinnitus) के लिए मौजूदा समाधान बहुत महंगे होते हैं और यह केवल विशेष क्लीनिकों में उपलब्ध होते हैं। आईआईटी बॉम्बे के शोधकर्ताओं का उद्देश्य इसे सभी लोगों तक पहुँचाना है, खासकर निम्न-आय वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक। इस डिवाइस के जरिए इलाज अधिक सुलभ और प्रभावी हो सकेगा।
इस परियोजना को तात्कालिक वित्तीय सहायता टाटा सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एंड डिज़ाइन (TCTD), आईआईटी बॉम्बे और वाधवानी रिसर्च सेंटर फॉर बायोइंजीनियरिंग (WRCB) से प्राप्त हुई है। यह एक महत्वपूर्ण पहल है, क्योंकि इससे दुनिया भर में टिनिटस से पीड़ित लाखों लोगों की मदद की जा सकेगी।
आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) का यह नवाचार न केवल तकनीकी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह टिनिटस से पीड़ित लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण साबित हो सकता है। मरीजों को उनके अद्वितीय लक्षणों के अनुसार उपचार मिल सकेगा, और समय के साथ उपचार की प्रभावशीलता को ट्रैक किया जा सकेगा।
यह डिवाइस निश्चित रूप से दुनिया भर में टिनिटस के इलाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इसके जरिए लाखों लोगों का जीवन बेहतर हो सकता है।