Space Virus Research: आज के युग में बीमारियों की दस्तक ने सबकी चिंता बढ़ा दी है। अमरीका की यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मैडिसन के वैज्ञानिकों ने एक नई बात निकाली है कि अब अंतरिक्ष से लौटे वायरस और बैक्टीरिया से बीमारियों का इलाज होगा।
Space Virus Research: आजकल बढ़ती बीमारियों के इलाज को लेकर वैज्ञानिक भी चिंता में डूबे रहते हैं कि आखिर वे करें क्या? इतनी बीमारियां आ गई हैं कि उनके नाम याद रखना भी मुश्किल हो गया है। अब इसी कश्मकश के बीच हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक नई रिसर्च की है।
इसमें यह बात सामने आई है कि अंतरिक्ष में उन्होंने जो वायरस और बैक्टीरिया भेजे थे, उनमें कई बड़े बदलाव देखे गए हैं। ये बदलाव बीमारियों से बचाने में सहायक साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि क्या है यह नई रिसर्च? इसमें क्या बात सामने आई है और यह किन बीमारियों में मददगार साबित हो सकती है?
अमरीका की यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मैडिसन के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष की शून्य गुरुत्वाकर्षण (microgravity) वाली प्रयोगशाला में वायरसों को 'ट्रेन' करके धरती पर मौजूद घातक और दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया (Superbugs) को मारने का तरीका खोज लिया है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से जब ये वायरस लौटकर आए, तो वैज्ञानिकों ने देखा कि अब उन संक्रमणों का भी इलाज हो सकता है जिन पर सभी दवाएं बेअसर थीं।
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पद्धति से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।