
Vestibular Hypofunction Hindi: बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन ने जब अपनी बीमारी वेस्टिबुलर हाइपोफंक्शन (Vestibular Hypofunction) का खुलासा किया, तो कई लोग हैरान रह गए थे। वरुण धवन ने बताया था कि जुग-जुग जियो फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने खुद पर बहुत ज्यादा दबाव डाल लिया था, जिसकी वजह से वे इस स्थिति का शिकार हो गए। यह कान के अंदरूनी हिस्से और शरीर के संतुलन (Balance System) से जुड़ी एक ऐसी समस्या है, जो किसी भी इंसान की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। आइए समझते हैं कि यह बीमारी क्या है, वरुण धवन को यह क्यों हुई और इसके मुख्य लक्षण क्या हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, हमारे कान का काम सिर्फ सुनना ही नहीं होता, बल्कि शरीर का संतुलन (Balance) बनाए रखना भी होता है। हमारे कान के अंदर एक खास हिस्सा होता है जिसे वेस्टिबुलर सिस्टम (Vestibular System) कहते हैं। यह सिस्टम दिमाग को सिग्नल भेजकर शरीर की स्थिति और आंखों की दृष्टि को स्थिर रखने में मदद करता है। जब इस सिस्टम का एक हिस्सा (या दोनों हिस्से) सही तरीके से काम करना बंद कर देता है या कमजोर हो जाता है, तो उसे वेस्टिबुलर हाइपोफंक्शन कहा जाता है। इसके होने पर इंसान को लगता है कि उसकी पूरी दुनिया घूम रही है या वह कभी भी गिर सकता है।
वरुण धवन ने खुद एक इंटरव्यू में साझा किया था कि उन्होंने बिना ब्रेक लिए लगातार काम किया और खुद पर बहुत ज्यादा मानसिक व शारीरिक दबाव (Over-exertion) डाला। क्लीवलैंड क्लिनिक और वेस्टिबुलर डिसऑर्डर एसोसिएशन के अनुसार, इस बीमारी के पीछे निम्न मुख्य कारण हो सकते हैं;
वेस्टिबुलर हाइपोफंक्शन का सही समय पर इलाज संभव है, इसमें डॉक्टर मरीज को कुछ खास तरह की एक्सरसाइज कराते हैं, जिससे दिमाग दोबारा शरीर का संतुलन बनाना सीखता है। तनाव से दूर रहना, पूरी नींद लेना, योग और सही खान-पान से इसमें बहुत तेजी से सुधार होता है। वरुण धवन ने भी योग, स्विमिंग और लाइफस्टाइल में सुधार करके खुद को ठीक किया।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।