भगवान धन्वंतरि का दिन है धनतेरस। ये दिन सिर्फ समृद्धि के लिए ही नहीं पूजा जाता। बल्कि इस दिन को निरोगी काया से भी जोड़ा जाता है। धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि का अवतरण हुआ था और वे आयुर्वेद के जनक माने जाते हैं। माना जाता है कि ये दिन सेहत के लिए हितकारी होता है। मान्यता के अनुसार इस दिन लोग आयुर्वेद औषधियों का सेवन करते हैं।

आयुर्वेदिक जड़ी—बूटियों के बारे में हम सभी जानते हैं, इनका सेवन हमें निरोगी बनाता है, वैसे तो जड़ी—बूटियों का इस्तेमाल नियमित रूप से करना चाहिए, लेकिन मान्यता के मुताबिक धनतेरस पर इन जड़ी—बूटियों का इस्तेमाल करना फायदेमंद माना जाता है। कई लोग इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा भी करते हैं। आइए जानते हैं इस दिन किन पौधों का रस पीना फायदेमंद साबित हो सकता है।
तुलसी है महाऔषधि
आयुर्वेद में तुलसी को महाऔषधि माना गया है। तुलसी से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का रोकथाम संभव है। डायबिटीज, स्किन डिजीज, बुखार आदि में तुलसी से राहत मिलती है। इससे न सिर्फ रोग प्रतिरोधिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि इस आध्यात्मिक महत्व भी है। धनतेरस पर तुलसी का रस पीने की मान्यता है।
नीम है बेमिसाल
नीम के गुणों के बारे में सभी को जानकारी होती है। नीम के पत्ते में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। जो बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकते हैं। इससे त्वचा संबंधी परेशानियां दूर होती है, वहीं बालों की सेहत भी सुधरती है। आयुर्वेद में इसके सेवन को भी बेहद लाभकारी बताया है।
गिलोय भी लाभकारी
गिलोय और एलोविरा का रस पीना कई बीमारियों से निजात दिलाता है। गिलोय एनीमिया दूर करने में सहायक है। पीलिया के मरीजों के लिए भी गिलोय फायदेमंद रहती है। इससे हाथ—पैरों की जलन भी दूर होती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।